


पूर्णिया। जिले के कृत्यानंद नगर, श्रीनगर एवं बेसा प्रखंड में मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रखंड प्रशासन ने संकल्प लिया है कि क्षेत्र की सभी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को एनीमिया मुक्त बनाया जाएगा, ताकि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित किया जा सके।
इसी क्रम में सोमवार को प्रखंड अस्पताल के सभागार में प्रसव कक्ष से जुड़ी सभी एएनएम (सहायक नर्स दाई) के लिए एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज) से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिवाकर ने की, जबकि चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सबा एवं सुनीता कुमारी भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक सुरेंद्र कुमार, निशि कुमारी तथा आलोक वर्मा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके साथ ही क्षेत्र की एएनएम ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए प्रशिक्षण का लाभ उठाया।
प्रशिक्षण के दौरान एएनएम को एनीमिया की पहचान, उसकी रोकथाम तथा उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे जमीनी स्तर पर गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। साथ ही एफसीएम के प्रभावी उपयोग, सुरक्षित मातृत्व एवं एनीमिया नियंत्रण के विभिन्न उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में जिला स्तर से आई पिरामल स्वास्थ्य टीम ने प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसमें सनत गुहा, याकूब मुजफ्फर एवं अमित शर्मा शामिल थे। उन्होंने एएनएम को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों एवं प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया।
प्रखंड प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से क्षेत्र में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा और गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को एनीमिया से मुक्ति दिलाने में सफलता मिलेगी।
















