


भागलपुर : अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को उप श्रमायुक्त कार्यालय, भागलपुर के प्रांगण में श्रमिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप श्रमायुक्त श्री सुधांशु कुमार ने की। इस अवसर पर सहायक श्रमायुक्त श्री निखिल कुमार रंजन, जिले के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तथा विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

शिविर में 100 से अधिक मजदूरों ने भाग लेकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। उप श्रमायुक्त ने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम मजदूरी दरें लागू की गई हैं, जिसके तहत अकुशल मजदूरों के लिए 436 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 452 रुपये, कुशल मजदूरों के लिए 551 रुपये तथा अतिकुशल मजदूरों के लिए 672 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किए गए हैं।
सहायक श्रमायुक्त ने श्रमिकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अंतर्गत विवाह सहायता के रूप में 50 हजार रुपये, मातृत्व लाभ के तहत 90 दिनों की मजदूरी, पितृत्व लाभ के लिए 6 हजार रुपये, नकद पुरस्कार अधिकतम 25 हजार रुपये, भवन मरम्मत के लिए 20 हजार रुपये तथा सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।

वहीं, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सुलतानगंज ने जानकारी दी कि राज्य से बाहर कार्यरत प्रवासी मजदूरों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये तथा निःशक्तता की स्थिति में 1 लाख या 50 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मजदूरों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। वक्ताओं ने 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में हुए ऐतिहासिक मजदूर आंदोलन का उल्लेख करते हुए आठ घंटे कार्य दिवस के अधिकार की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रमिकों, संगठनों एवं पदाधिकारियों ने श्रमिक हितों की रक्षा तथा जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।













