


भागलपुर । अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर +2 माया साइंस संस्थान, इस्माइलपुर में जलज परियोजना के अंतर्गत भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान परियोजना सहयोगी राहुल कुमार राज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जैव विविधता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीव-जंतु, वनस्पतियां और सूक्ष्म जीव पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि किसी भी प्रजाति का अत्यधिक दोहन या विलुप्ति होती है, तो उसका सीधा असर मानव जीवन और प्रकृति दोनों पर पड़ता है।
उन्होंने बताया कि बढ़ता प्रदूषण, वनों की अंधाधुंध कटाई, जलवायु परिवर्तन और अवैध शिकार आज जैव विविधता के लिए सबसे बड़े खतरे बन चुके हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक का कम उपयोग करने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, बल्कि जैव विविधता संरक्षण को भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने जैव विविधता संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा प्रकृति के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने की शपथ ली।
















