
सीए, चिकित्सा और अभियांत्रिकी के क्षेत्र में सफलता हासिल करने वाले पूर्व छात्रों को मिला विशेष सम्मान; वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने का दिया संदेश
नवगछिया। बाल भारती विद्यालय, गौशाला रोड में प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में दसवीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यह रहा कि विद्यालय ने वर्तमान मेधावी विद्यार्थियों के साथ-साथ अपने उन पूर्ववर्ती छात्रों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने कठिन परिश्रम और लगन के बल पर चार्टर्ड अकाउंटेंसी, चिकित्सा और अभियांत्रिकी जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों में सफलता हासिल कर अपनी पहचान बनाई है। चिकित्सा और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाने वाले पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को भी
समारोह में विशेष रूप से सराहा गया।

विद्यार्थियों की सफलता ही विद्यालय की वास्तविक पहचान : डी.पी. सिंह
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्रशासक डी.पी. सिंह ने किया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय की वास्तविक पहचान उसके भव्य भवन या संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके विद्यार्थियों की सफलता और उपलब्धियों से होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में अभिभावकों का त्याग, शिक्षकों का समर्पण और विद्यालय का मार्गदर्शन शामिल होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
संघर्ष सफलता की पहली सीढ़ी : अजय कुमार रूंगटा
विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष अजय कुमार रूंगटा ने कहा कि संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है। जो विद्यार्थी आज ईमानदारी, अनुशासन और लगन के साथ मेहनत कर रहे हैं, वही भविष्य में समाज के आदर्श और प्रेरणास्रोत बनेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए आगे बढ़ने की सलाह दी।
विद्यालय प्रबंधन समिति के संयुक्त सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि हर बच्चा एक दीपक के समान है। उसे सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और प्रेरणा की आवश्यकता होती है, ताकि वह अपनी प्रतिभा के प्रकाश से न केवल अपना, बल्कि पूरे समाज का भविष्य भी रोशन कर सके।
निरंतर सीखते रहना ही सबसे बड़ी सफलता : महेश यादुका
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में कार्यरत कंपनी टाइगर एनालिटिक्स के संस्थापक महेश यादुका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में निरंतर सीखते रहना ही सबसे बड़ी सफलता है। जिज्ञासा, लगन और सीखने की इच्छा व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते समय के साथ स्वयं को विकसित करने और नई संभावनाओं को अपनाने की सलाह दी।
विद्यालय कार्यकारिणी के सदस्य अभिषेक रूंगटा ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता विद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है। आज सम्मानित किए गए विद्यार्थियों की उपलब्धियां उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का प्रमाण हैं।
बाल भारती विद्यालय, पोस्ट ऑफिस रोड के प्राचार्य कौशल किशोर जायसवाल ने विद्यार्थियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने तथा अपनी सफलता के माध्यम से समाज के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

सीए और नीट में सफलता पाने वाले पूर्व छात्र भी हुए सम्मानित
समारोह में इसी वर्ष चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षा उत्तीर्ण कर बेंगलुरु में कार्यरत शिवम मवांडिया तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में सफलता प्राप्त कर मेडिकल कॉलेज में नामांकन लेने वाले किशन गुप्ता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। दोनों पूर्व छात्रों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र प्रदान कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।
दसवीं कक्षा के 30 मेधावी विद्यार्थियों को मिला सम्मान
दसवीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिन 30 विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया, उनके नाम इस प्रकार हैं—
मयंक माधव, ध्रुव कुमार, समीर कुमार, श्रेयसी आर्या, वैभव राज, लीजा, सुमित कुमार झा, सोनाली कुमारी, अक्षय कुमार, निशांत कुमार, वैभव भारती, कृतिका कुमारी, हरिओम कुमार, अभिषेक केडिया, समीक्षा कुमारी, सुहाना कुमारी, दिया शर्मा, रिचा, अनु शेखर स्वामी, प्रिया, अनुप्रिया कुमारी, आनंद रोहन, मनीषा कुमारी, सुशांत कुमार, अनुपम कुमारी, साक्षी कुमारी, तन्मय आनंद, सिद्धार्थ कुमार, आकांक्षा कुमारी एवं शाश्वत भारद्वाज।
शिक्षकों और अभिभावकों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
समारोह में विद्यार्थियों के अभिभावकों की भी अच्छी उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक बृजेश ठाकुर, वागीश झा, निमाई कुमार, सुशांत चौधरी, सतीश झा, दीपक गुप्ता, उत्पल झा, सौरभ कुमार, राजा राम, साहिल, पवन गुरुंग, नीतीश कुमार एवं पुरुषोत्तम कुमार सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य नवनीत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने समारोह में उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की सलाह देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रतिभा सम्मान समारोह ने विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा दी। पूर्ववर्ती छात्रों की सफलता ने वर्तमान विद्यार्थियों के सामने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया कि निरंतर मेहनत और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।















