


भागलपुर में जिला स्थापना दिवस के अवसर पर दूसरे दिन कला, संस्कृति एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में अंग संस्कृति भवन और भागलपुर संग्रहालय परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कलाकारों और प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम और बिहार गीत से हुई। पहले सत्र में प्रदर्श कला प्रतियोगिता के अंतर्गत लोकगीत गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ऑडिशन के बाद कुल 15 प्रतिभागियों ने मुख्य मंच पर अपनी प्रस्तुति दी। इनमें से 6 प्रतिभागियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में सरोज अली ने प्रथम, मोहित कुमार ने द्वितीय तथा अमन कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसके साथ ही लोक नृत्य प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुति दी। इस प्रतियोगिता में राहुल कुमार एवं समूह ने प्रथम, किलकारी बिहार बाल भवन बरारी ने द्वितीय तथा सुरभि सुमन एवं समूह ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं दृश्य कला गतिविधियों के अंतर्गत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित कलाकार शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के वरिष्ठ कलाकार मनोज पंडित, उलूपी झा, बिजय शाह, अनिल कुमार, कुमार संभव एवं मनोज कुमार ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
फोटोग्राफी प्रतियोगिता में भागलपुर की कला, संस्कृति और धरोहर को दर्शाते हुए कुमार अनुराग एवं प्रेम केडिया ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बाजी मारी। इसके अलावा एक्सटेंपोर (तात्कालिक भाषण) प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने कला, संस्कृति और इतिहास से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में कुल 150 से अधिक प्रतिभागियों को जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन द्वारा सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। निर्णायक मंडल में अरविंद यादव, अजय अटल, शैलेन्द्र कुमार और गोपाल कृष्ण मिश्रा जैसे वरिष्ठ कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्हें अंग वस्त्र, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अंग प्रदेश की प्रसिद्ध मंजूषा कला को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाने और राष्ट्रपति भवन में सम्मान दिलाने वाले मंजूषा गुरु मनोज पंडित को भी सामूहिक रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन वैभव राज और अणिमा सिन्हा ने किया।

जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि स्थापना दिवस के तीसरे दिन उत्कृष्ट प्रतिभागियों को कहलगांव अनुमंडल के बटेश्वर स्थान एवं विक्रमशिला महाविहार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा।
इस आयोजन ने न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया, बल्कि भागलपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान देने का काम किया।















