


साधारण परिवार से निकलकर कार्यपालक अभियंता बने गोपाल कुमार के यहां छापेमारी के बाद इलाके में चर्चा तेज
पूर्णिया : आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ हुई छापेमारी के बाद पूर्णिया जिले के बनमनखी नगर परिषद क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव राजहाट में चर्चा का माहौल है। साधारण जीवनशैली और सादगीपूर्ण रहन-सहन के लिए पहचाने जाने वाले गोपाल कुमार के यहां बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की खबर से स्थानीय लोग भी हैरान हैं।

गोपाल कुमार का पैतृक घर बनमनखी नगर परिषद के वार्ड संख्या-14 राजहाट में स्थित है। परिजनों के अनुसार उनके पिता राज कुमार गुप्ता भवन निर्माण विभाग में एक सामान्य पद पर कार्यरत थे। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी साधारण थी और सीमित संसाधनों के बीच बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराई गई।
परिवार के लोगों ने बताया कि गोपाल कुमार को इंजीनियर बनाने में उनके छोटे भाई चंदन कुमार गुप्ता का सबसे बड़ा योगदान रहा। बताया जाता है कि चंदन कुमार ने केरोसिन तेल बेचकर अपने बड़े भाई की पढ़ाई का खर्च उठाया। वर्तमान में चंदन कुमार पटना में कपड़े की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

परिवार में कुल पांच भाई हैं। दूसरे भाई वीरेन्द्र गुप्ता नगर परिषद क्षेत्र में जन वितरण प्रणाली के विक्रेता हैं। तीसरे भाई ओमप्रकाश गुप्ता हजारीबाग में भारतीय जीवन बीमा निगम में मैनेजर पद पर कार्यरत थे, लेकिन लंबे समय से लापता बताए जा रहे हैं। वहीं जय प्रकाश गुप्ता और पवन गुप्ता बेरोजगार हैं।
परिजनों ने बताया कि राजहाट स्थित पैतृक घर आज भी जर्जर स्थिति में है और पांचों भाइयों को एक-एक कमरा मिला हुआ है। गोपाल कुमार की पत्नी भी इंजीनियर हैं, लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़कर गृहिणी बनने का निर्णय लिया था।

छापेमारी के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि मामले को लेकर आधिकारिक जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच में जुटी हुई हैं।
















