
@ वैष्णवी दुर्गा मंदिर की रजत जयंती पर 1100 श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य कलश मंगल शोभायात्रा, नवमी और दशमी को होंगे विशेष आयोजन।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले के कहलगांव प्रखंड अंतर्गत धनौरा स्थित वैष्णवी दुर्गा मंदिर की रजत जयंती के पावन अवसर पर महालया के दिन शनिवार को भव्य कलश मंगल शोभायात्रा निकाली गई। इसमें करीब 1100 युवक-युवतियों और महिलाओं ने भाग लिया। शोभायात्रा जवाहरलाल उच्च माध्यमिक विद्यालय, धनौरा के खेल मैदान से शुरू होकर खोजवा पोखर होते हुए मंदिर परिसर पहुंची। इस दौरान ‘जय माता दी’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, रथ और आकर्षक झांकियां शामिल थीं।

समिति के अध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि मंदिर की स्थापना वर्ष 2002 में हुई थी। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर इस बार ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दुर्गा सप्तशती का पाठ और पूजन-प्रतिष्ठा वाराणसी के वैदिक विद्वान आचार्य रामदिनेश द्विवेदी के आचार्यत्व में संपन्न होगा।
उन्होंने बताया कि डॉ. नयन तिवारी के नेतृत्व में प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन पहले ही किया जा चुका है। इसमें चयनित विद्यार्थियों को महानवमी के दिन पुरस्कृत किया जाएगा। इसी दिन आदिवासी नृत्य का भी आयोजन होगा, जबकि दशमी को भक्ति जागरण का कार्यक्रम रखा गया है।
अष्टदल कमल की अनूठी डिजाइन पर बना है मंदिर:

वैष्णवी दुर्गा मंदिर क्षेत्र में अपनी सात्विकता के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर की डिजाइन अष्टदल कमल पर आधारित है, जिसे जिले में अपनी तरह का अनूठा बताया जाता है। मंदिर के लिए भूमि दान करने वाले विंदेश्वरी सिंह के योगदान को याद करते हुए आयोजन समिति ने कहा कि इस भव्य आयोजन को देखकर उनकी आत्मा भी प्रफुल्लित होती।
मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मेले की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। आयोजन की सफलता के लिए कुर्मा और धनौरा, दोनों पंचायतों के ग्रामीण सक्रिय रूप से जुटे हैं। समिति ने आयोजन में प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की।















