


@ गंगा के कई स्टेशनों पर पानी बढ़ा है। गांधीघाट पर जलस्तर 49.54 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 0.94 मीटर नीचे है। हाथीदह में 0.08 मीटर, भागलपुर में 0.13 मीटर और कहलगांव में 0.19 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार में नदियों का मिजाज एक जैसा नहीं है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के 25 अगस्त की दोपहर 2 बजे के आंकड़े बताते हैं कि जहां कई नदियों का जलस्तर घट रहा है, वहीं कुछ प्रमुख स्टेशनों पर पानी फिर चढ़ने लगा है। सबसे अहम बात यह है कि खतरे के निशान से ऊपर पानी वाले स्टेशन भी मौजूद हैं, जबकि कई जगह जलस्तर खतरे के निशान के काफी नीचे है।
31 स्टेशनों के आंकड़ों में खगड़िया के पास बूढ़ी गंडक सबसे स्पष्ट चिंता के रूप में सामने आती है। खगड़िया स्टेशन पर नदी का जलस्तर 37.10 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.52 मीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में यहां पानी 0.20 मीटर बढ़ा है।

गंगा के कई स्टेशनों पर पानी बढ़ा है। गांधीघाट पर जलस्तर 49.54 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 0.94 मीटर नीचे है। हाथीदह में 0.08 मीटर, भागलपुर में 0.13 मीटर और कहलगांव में 0.19 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि बक्सर और मंगर जैसे स्टेशनों पर जलस्तर में गिरावट भी हुई है।
गंडक भी दो अलग तस्वीर दिखा रही है। गोपालगंज के डुमरियाघाट में जलस्तर 62.75 मीटर है और यह खतरे के निशान से 0.53 मीटर ऊपर है, हालांकि 24 घंटे में इसमें 0.11 मीटर की कमी आई है। दूसरी ओर रेवाघाट पर पानी 0.18 मीटर बढ़ा, लेकिन खतरे के निशान से अभी 0.78 मीटर नीचे है।
कमला नदी में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई है। झंझारपुर में पानी 0.20 मीटर बढ़कर 49.30 मीटर पहुंचा, फिर भी यह खतरे के निशान से 0.70 मीटर नीचे है। जयनगर में भी 0.04 मीटर की वृद्धि हुई।
कोसी क्षेत्र में भी निगाह रखने की जरूरत है। बलतारा में जलस्तर 34.76 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 0.91 मीटर ऊपर है। कुर्सेला में भी पानी 0.13 मीटर बढ़ा और जलस्तर खतरे के निशान से 0.48 मीटर ऊपर पहुंच गया। इसके उलट सुपौल में 0.04 मीटर की गिरावट दर्ज हुई।
घाघरा की तस्वीर मिश्रित है। दरौली में जलस्तर खतरे के निशान से 0.33 मीटर ऊपर है, हालांकि 24 घंटे में 0.06 मीटर की कमी आई। गंगपुर सिसवान में भी पानी 0.11 मीटर घटा है और यह खतरे के निशान से 0.42 मीटर नीचे है।
उधर बागमती और अधवारा समूह की नदियों में ज्यादातर स्टेशनों पर गिरावट या स्थिरता दिखी। बेनीबाद में जलस्तर स्थिर रहा, जबकि धेंग पुल, कमतौल और एकमीघाट जैसे स्टेशनों पर कमी दर्ज की गई। इससे उत्तर बिहार के कई हिस्सों में तत्काल दबाव कुछ कम होता दिख रहा है।
महानंदा फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिर रही। ढेंगराघाट और तैयबपुर दोनों स्टेशनों पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर में कोई बदलाव दर्ज नहीं हुआ।

आंकड़ों का सबसे बड़ा संकेत:
31 स्टेशनों की तस्वीर को एक साथ देखें तो बिहार में बाढ़ की स्थिति पूरे राज्य में एकसमान नहीं, बल्कि नदी और स्थान के हिसाब से बदलती हुई नजर आती है। कुछ स्थानों पर पानी घट रहा है, लेकिन खगड़िया, डुमरियाघाट, बलतारा, कुर्सेला और दरौली जैसे स्टेशनों पर खतरे के निशान से ऊपर पानी बना हुआ है।
यानी फिलहाल सवाल सिर्फ यह नहीं है कि “पानी बढ़ रहा है या घट रहा है! बल्कि यह है कि ‘कहां घट रहा है और कहां बढ़ रहा है! 25 अगस्त की दोपहर की यह तस्वीर बताती है कि नदी किनारे बसे इलाकों में स्थानीय स्तर पर निगरानी अभी भी बेहद जरूरी है।
















