
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बी.एन. कॉलेज में चल रहे छह-दिवसीय UGC-MMTTC फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के चौथे दिन एआई की नैतिकता, LLMs की विश्वसनीयता, शिक्षा में एआई और डेटा साइंस पर चार तकनीकी सत्र आयोजित हुए।
NIT दुर्गापुर के डॉ. संदीप राज ने Responsible AI, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर चर्चा की। IIT पटना की डॉ. श्रीपर्णा साहा ने LLMs में Hallucination और Sycophancy जैसी चुनौतियों को समझाया।

MAIT नई दिल्ली के प्रो. अनुपम कुमार ने शिक्षण और शोध में एआई के व्यावहारिक उपयोग बताए, जबकि IIIT भागलपुर के डॉ. दिलीप कुमार चौबे ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में AI एवं Data Science की भूमिका पर प्रकाश डाला।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में एआई की बढ़ती भूमिका
दिन के अंतिम सत्र को IIIT भागलपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. दिलीप कुमार चौबे ने संबोधित किया। उन्होंने ‘AI and Data Science in Education and Healthcare’ विषय पर भौतिक रूप से उपस्थित होकर प्रशिक्षण दिया।
डॉ. चौबे ने शिक्षा के क्षेत्र में एआई एवं डेटा साइंस के प्रमुख उपयोगों पर चर्चा करते हुए व्यक्तिगत शिक्षा, शिक्षण पद्धतियों में सुधार, कमजोर छात्रों की प्रारंभिक पहचान, स्वचालित मूल्यांकन और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा में भी एआई की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार, समन्वयक प्रो. आरती कुमारी, सहायक समन्वयक डॉ. अम्बिका कुमार सहित दर्जनों शिक्षक प्रतिभागी मौजूद रहे।
















