
पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थियों ने वीवीआईटी परिसर का किया भ्रमण, इनोवेशन एंड आइडिया लैब में सीखी नए विचारों को विकसित करने की प्रक्रिया
पूर्णिया। विद्या विहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीवीआईटी), पूर्णिया की ओर से डीआईसीई स्कूल हैंडहोल्डिंग कार्यक्रम के तहत उद्यमिता विकास एवं नवाचार गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की समझ विकसित करना, नए विचारों और नवाचार के प्रति रुचि बढ़ाना तथा उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए रचनात्मक सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करना था।

कार्यक्रम को दो प्रमुख गतिविधियों में आयोजित किया गया। पहली गतिविधि के तहत विद्यार्थियों के लिए ‘उद्यमशीलता कौशल विकास’ विषय पर विभिन्न पीएम श्री विद्यालयों में विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। दूसरी गतिविधि के तहत विद्यार्थियों को संस्थान के परिसर का भ्रमण कराया गया और उन्हें नवाचार एवं नए विचारों के विकास की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
तीन पीएम श्री विद्यालयों में आयोजित हुए विशेष सत्र
उद्यमशीलता कौशल विकास के अंतर्गत 24 सितंबर को पीएम श्री हाई स्कूल, कसबा, पूर्णिया में विद्यार्थियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद 28 सितंबर को पीएम श्री अंचित साह सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेलौरी, पूर्णिया तथा 29 सितंबर को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कोलासी, कटिहार में विद्यार्थियों को उद्यमिता विकास से संबंधित जानकारी दी गई।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी नए विचार को किस प्रकार विकसित कर उपयोगी बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों को समस्या की पहचान, उसके समाधान के लिए विचार तैयार करने, रचनात्मक सोच विकसित करने और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया।
वीवीआईटी परिसर का विद्यार्थियों ने किया भ्रमण
डीआईसीई स्कूल हैंडहोल्डिंग कार्यक्रम की दूसरी गतिविधि ‘फील्ड विजिट एवं आइडिया क्रिएशन’ के तहत तीनों पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विद्या विहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर का भ्रमण किया।

इस दौरान विद्यार्थियों को विशेष रूप से संस्थान की इनोवेशन एंड आइडिया लैब का अवलोकन कराया गया। यहां विद्यार्थियों को नवाचार, नए विचारों के सृजन, तकनीकी सोच और उद्यमशील दृष्टिकोण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने संस्थान की गतिविधियों को करीब से समझा तथा यह जानने का प्रयास किया कि किसी समस्या को पहचानकर उसके समाधान के लिए नया विचार किस प्रकार तैयार किया जा सकता है। इस दौरान विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि व्यावहारिक रूप से नए विचारों पर सोचने के लिए भी प्रेरित किया गया।
24 सितंबर को पीएम श्री हाई स्कूल, कसबा के विद्यार्थियों ने वीवीआईटी परिसर का भ्रमण किया। 28 सितंबर को पीएम श्री अंचित साह सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेलौरी के विद्यार्थियों ने तथा 30 सितंबर को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कोलासी, कटिहार के विद्यार्थियों ने संस्थान का भ्रमण किया।
शिक्षकों की भी रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में संबंधित पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अन्य सहयोगी सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, कोलासी, कटिहार की ओर से मनोरंजन कुमार, आर.एस.पी. यादव, अचल कुमार, भावना कुमारी एवं अर्चना कुमारी सहित शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
पीएम श्री अंचित साह सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बेलौरी, पूर्णिया की ओर से प्रधानाचार्या रेनू कुमारी, आलोक कुमार यादव, पान कुमार दास, रुचिका कुमारी एवं मेघनाथ कोनाई ने कार्यक्रम में सहयोग एवं सहभागिता की।
वहीं पीएम श्री हाई स्कूल, कसबा, पूर्णिया की ओर से मो. मतीउर रहमान, राजीव कुमार एवं पायल गुप्ता ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
संस्थान के अधिकारियों एवं सदस्यों का रहा सहयोग
कार्यक्रम का संचालन संस्थान के अध्यक्ष राजेश चंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन एवं रजिस्ट्रार सौरभ कुमार के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. अनिकेत मानस, स्कूल ऑफ कोर स्टडीज के उपप्राचार्य अभिषेक प्रसून, स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग के उपप्राचार्य अभिनीत प्रसून, रोहित कुमार झा, कुमार हर्ष, अभियंता राहुल कुमार, विजय कुमार सिंह, निर्भय मिश्रा, मयंक शांडिल्य, प्रमोद कुमार झा, सहायक रजिस्ट्रार गौरव कुमार, अक्षय कुमार सिंह, शुभम लाल, अंकित मिश्रा एवं पप्पू सहित वीवीआईटी के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
व्यावहारिक सोच विकसित करने का मिला अवसर
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विद्यालयी शिक्षा से आगे बढ़कर उद्यमिता, नवाचार और रचनात्मक सोच की दिशा में काम करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी समस्या को केवल समस्या के रूप में देखने के बजाय उसके समाधान के लिए नए विचार विकसित किए जा सकते हैं।
आयोजकों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में नए विचारों और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। डीआईसीई स्कूल हैंडहोल्डिंग कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक एवं रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर मिला।















