


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सन्हौला,खरीक,कहलगांव,जगदीशपुर में अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस एवं गांधी जयंती के अवसर पर सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था ‘समवेत’ की ओर से सन्हौला, खरीक, कहलगांव एवं जगदीशपुर प्रखंड के अनुसूचित जाति एवं जनजाति बहुल क्षेत्रों में संचालित 8 प्रेरणा केंद्रों एवं 2 ई-एजुकेशन सेंटरों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ-साथ समुदाय की महिलाओं एवं पुरुषों ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। केंद्रों के मोटीवेटरों एवं समवेत के निदेशक विक्रम ने बच्चों के साथ गांधी जी के मूल्यों तथा वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता को लेकर संवाद किया। बच्चों ने भी अहिंसा, समानता, सम्मान और न्याय को लेकर अपने विचार साझा किए।

मोटीवेटर कुमार आनंद ने कहा कि गांधी जी की अहिंसा केवल हिंसा से दूर रहने का विचार नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के सम्मान, समानता और न्याय के लिए खड़े होने का रास्ता है। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं किशोर-किशोरियों के बीच इन मूल्यों को समझना और उन्हें अपने व्यवहार में उतारना बेहद जरूरी है।
समवेत के निदेशक विक्रम ने कहा कि गांधी जी के मूल्य आज भी सामाजिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। अहिंसा, सत्य, समानता, सम्मान और संवाद एक न्यायपूर्ण एवं लोकतांत्रिक समाज की बुनियाद हैं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और किशोरियों में अपनी बात कहने का साहस, दूसरों के अधिकारों का सम्मान तथा शांतिपूर्ण तरीके से बदलाव के लिए नेतृत्व की क्षमता विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी केंद्रों पर संकल्प सभा आयोजित की गई। बच्चों ने हाथ आगे बढ़ाकर अपने और दूसरों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करने, लैंगिक भेदभाव का विरोध करने तथा अन्याय, भेदभाव और हिंसा के खिलाफ शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का संकल्प लिया। बच्चों ने अपनी बात साहस, स्पष्टता और सम्मान के साथ रखने, एक-दूसरे की बात सुनने तथा समान अवसर और समानता के लिए साथ खड़े होने की भी शपथ ली।इसके अलावा बच्चों ने परिवार, विद्यालय और समुदाय में अहिंसा, समानता एवं सम्मान का संदेश फैलाने तथा स्वयं नेतृत्व करने और दूसरों को भी आगे बढ़ने का अवसर देने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का संयोजन केंद्र के मोटीवेटर कुमार आनंद, आशुतोष, नीतू मुर्मू, आशा कुमारी, करिश्मा कुमारी एवं पुष्पा कुमारी ने किया।


















