
@ फरक्का बराज को बताया बिहार के पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के नुकसान की बड़ी वजह, नीतीश संवाद में बड़ी भागीदारी की अपील।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा की धारा की रफ्तार से लेकर बिहार की बाढ़ और सुखाड़ तक, फरक्का बराज का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। कहलगांव विधायक ई शुभानंद मुकेश ने गंगा में तेजी से जमा हो रहे गाद को बिहार की जल संबंधी समस्याओं की प्रमुख वजह बताते हुए इसकी सफाई को जरूरी बताया।
कहलगांव जदयू कार्यालय के समीप आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि बनारस से भागलपुर तक गंगा का पानी पहुंचने में करीब ढाई दिन लगते हैं, जबकि गंगोत्री से बनारस तक पहुंचने में महज एक दिन लगता है। उनके अनुसार, गंगा में जमा गाद के कारण नदी की जलधारण क्षमता प्रभावित हुई है। इसका खामियाजा बिहार को बाढ़ के रूप में भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने फरक्का बराज और फरक्का जलसंधि को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले तीन दशकों से बिहार को इसके कारण गंभीर पर्यावरणीय एवं आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि फरक्का बराज के कारण गंगा में गाद जमा होने की समस्या बढ़ी है। उन्होंने गंगा से गाद की सफाई को समय की जरूरत बताया।
विधायक ने बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं और जनसमूह से आगामी 3 नवंबर को भागलपुर टाउन हॉल में प्रस्तावित नीतीश संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की।
जदयू जिला अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने भी बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में भागलपुर पहुंचने की अपील की।

बैठक को प्रदीप कुशवाहा, विजय मंडल, अशोक सिंह, फैसल खान, सकलदेव मंडल और अमीन मंडल सहित कई जदयू कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। नंदा कुमारी समेत अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन कहलगांव प्रखंड अध्यक्ष शाहबाज आलम मुन्ना ने किया, जबकि अध्यक्षता जदयू जिला अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने की।
















