


भागलपुर। जिले के जगदीशपुर स्थित प्रसिद्ध सरकारी हटिया की बदहाल व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यहां प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों ग्रामीणों और दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हटिया करीब 20 से 25 गांवों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों का प्रमुख केंद्र है। इसके बावजूद यहां शौचालय और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने अंचल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अंचलाधिकारी की कथित मिलीभगत से हटिया परिसर में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि गैर-सरकारी व्यक्तियों द्वारा झोपड़ियां और अस्थायी दुकानें बनाकर अवैध रूप से जगह घेर ली गई है, जिससे हटिया का स्वरूप बिगड़ गया है और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जगह भी नहीं बची है।
इसके अलावा, सरकारी गोदामों में छोटे-छोटे दुकान बनाकर अधिक किराया वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया है। दुकानदारों का कहना है कि उनसे मोटी रकम ली जा रही है, जिससे उनका आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

स्थानीय महिला रेखा देवी ने बताया कि दूर-दराज गांवों से खरीदारी करने आने के बावजूद यहां न तो पानी की सुविधा है और न ही शौचालय की व्यवस्था, जिससे काफी परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हटिया को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और शौचालय व पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं जल्द बहाल की जाएं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।













