


भागलपुर। राजकुमार गुड्डू का रविवार को पूरे राजकीय सम्मान और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। संयोग ऐसा रहा कि जिस दिन उनका 43वां जन्मदिन था, उसी दिन वे पंचतत्व में विलीन हो गए। इस घटना से पूरा सुलतानगंज शोक में डूब गया।

सुबह उनके आवास से निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए अंतिम यात्रा नमामि गंगे घाट पहुंची, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान “राजकुमार गुड्डू अमर रहें” और “ईओ कृष्ण भूषण अमर रहें” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया, जब उनके 12 वर्षीय पुत्र राजवीर कुमार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। घाट पर मौजूद लोग यह दृश्य देखकर भावुक हो उठे और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।

गौरतलब है कि 28 अप्रैल को नगर परिषद कार्यालय में घुसकर अपराधियों ने नगर सभापति राजकुमार गुड्डू पर गोलीबारी कर दी थी। इस घटना में उन्हें बचाने पहुंचे कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद से राजकुमार गुड्डू का इलाज चल रहा था, लेकिन 11 दिनों तक जिंदगी से संघर्ष करने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
उनके निधन से पूरे सुलतानगंज में शोक का माहौल है। कई सामाजिक, राजनीतिक एवं प्रशासनिक लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शहर के कई बाजार बंद रहे और लोगों ने नम आंखों से अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई दी।















