


खरीफ सीजन को लेकर उर्वरक उपलब्धता और जैविक खेती पर हुई चर्चा
पूर्णिया : उप विकास आयुक्त-सह-प्रभारी जिला पदाधिकारी अंजनि कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में पूर्णिया सदर विधायक विजय खेमका, रूपौली विधायक कलाधर मंडल, कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि, अमौर एवं बायसी विधायक प्रतिनिधि, जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि, जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिला कृषि पदाधिकारी हरिद्वार प्रसाद चौरसिया ने बताया कि खरीफ 2026 में जिले में कुल 1 लाख 19 हजार 421 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होने की संभावना है। इसमें धान 1 लाख 8 हजार 24 हेक्टेयर, खरीफ मक्का 4 हजार 14 हेक्टेयर तथा अन्य फसलें 7 हजार 382 हेक्टेयर क्षेत्र में लगाई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि अप्रैल और मई 2026 के दौरान जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की आपूर्ति हुई है और वर्तमान में किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी एवं एसएसपी उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
बैठक में विधायक विजय खेमका ने कहा कि वर्तमान में एनपीके उर्वरक का भंडारण अधिक है, इसलिए किसानों के बीच इसके संतुलित उपयोग को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

वहीं कसबा विधायक नितेश कुमार सिंह ने कहा कि किसानों के खेतों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया जाना चाहिए, ताकि अन्य किसान भी इसके लाभ को समझ सकें और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित हों।
बैठक में यह भी कहा गया कि सरकार नैनो यूरिया एवं डीएपी को बढ़ावा दे रही है, ताकि दानेदार यूरिया पर निर्भरता कम हो सके। साथ ही ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक और दवाओं के छिड़काव को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई, जिससे कम लागत में समय पर कार्य पूरा होने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें।
















