


पीरपैंती प्रखंड के परशुरामपुर पंचायत अंतर्गत खुशहालपुर गांव में संतमत सत्संग समिति, विनोबाटोला द्वारा आयोजित अखिल भावीय संतमत का मासिक सत्संग श्रद्धा और भक्ति के माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृताचार्य डॉ. शिवनाथ बाबा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में महर्षि मेँहीँ भागवतधाम, शेरमारी के संस्थापक परमपूज्य आचार्य स्वामी भागवतानन्द जी महाराज उपस्थित रहे।
शिक्षक दम्पति रामस्वरूप रजक और पूनम कुमारी के प्रबंधन तथा ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित इस सत्संग में भजन-कीर्तन, स्तुति-विनती, ध्यान-पाठ, सत्संग-प्रवचन, आरती, प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया गया।

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. शिवनाथ बाबा ने बताया कि इस मासिक सत्संग आयोजन की लिखित स्वीकृति महर्षि संतसेवी और महर्षि शाही बाबा से प्राप्त है। उन्होंने इसे संतसद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंसजी महाराज की जयंती विशेषांक से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया और उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।
मुख्य प्रवक्ता स्वामी भागवतानन्द जी महाराज ने कहा कि महर्षि मेँहीँ ने कुप्पाघाट की गुफा में नादानुसंधान की कठोर साधना कर ईश्वर का साक्षात्कार किया और उसी से कुप्पाघाट एक पवित्र तीर्थस्थल के रूप में स्थापित हुआ। उन्होंने कहा कि जीवन अनिश्चित है और मृत्यु एक अटल सत्य है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सद्गुरु की भक्ति में लगना चाहिए।

अन्य वक्ताओं में पंकज बाबा ने कहा कि “सत्संग ही जीवन की सांस है।” कार्यक्रम में ममता कुमारी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि रामस्वरूप रजक ने स्वागत भाषण और पूनम कुमारी ने स्तुति-विनती प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भंडारे में भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें पुरुषोत्तम, रविनंदन, अदिति, रूक्मिणी देवी, मंजू देवी, दीपनारायण भगत, शांति देवी, प्रकाश रजक, श्याम मंडल, भागवत मंडल, वंशीधर मंडल, बासुकीनाथ प्रभाकर, ममता, अमित, ओमराज, सोमराज, पूनम देवी, पिंटू रजक सहित अन्य शामिल थे।
















