


नवगछिया । अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को गोपालपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय धरहरा के प्रांगण में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के पोषक क्षेत्र की सबसे अधिक उम्र की महिलाओं में शामिल करीब 93 वर्ष से अधिक उम्र की प्रमिला देवी को सम्मानित किया गया।

प्रमिला देवी, स्वर्गीय शत्रुघ्न प्रसाद सिंह की पत्नी हैं। विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उन्हें फूल-माला पहनाकर तथा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय परिसर में बच्चों के सामने हुए इस सम्मान समारोह का उद्देश्य नई पीढ़ी को बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देना था।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि बुजुर्ग परिवार और समाज की महत्वपूर्ण धरोहर होते हैं। उनके पास जीवन के लंबे अनुभव होते हैं, जिनसे नई पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है। बच्चों को अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी तथा परिवार और समाज के अन्य बुजुर्गों के प्रति सम्मान और विनम्रता का व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यालय की ओर से कहा गया कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का विकास होता है। जब बच्चे बुजुर्गों के सम्मान और उनकी समस्याओं को समझते हैं तो उनमें संवेदनशीलता, विनम्रता और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है।
बुजुर्गों के अनुभव नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि बुजुर्गों के जीवन के अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। उनके अनुभवों से बच्चे जीवन की कठिन परिस्थितियों को समझने और सही निर्णय लेने की सीख प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, बुजुर्गों का सम्मान करने से उन्हें भी यह एहसास होता है कि परिवार और समाज में आज भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
विद्यालय परिवार ने कहा कि बुजुर्गों का स्नेह और आशीर्वाद परिवार के लिए महत्वपूर्ण होता है। उनके अनुभव, संस्कार और जीवन मूल्यों से बच्चों के व्यक्तित्व का विकास होता है। ऐसे संस्कार बच्चों को भविष्य में जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने में मदद करते हैं।
विद्यालय के सभी बच्चों ने लिया हिस्सा
सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुजुर्गों के सम्मान का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम ने बच्चों के बीच यह संदेश दिया कि बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह परिवार और समाज की निरंतर जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक युगेश कुमार, कुमार राजेश, नीतीश कुमार नमन, रश्मि कुमारी, पंकज कुमार, लतिका कुमारी, नीता कुमारी, स्नेहा कुमारी, राकेश कुमार रजक सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय परिवार ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए बच्चों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को विकसित करने का प्रयास किया।
















