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प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। महिलाओं की सुरक्षा और सहायता सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने गुरुवार को वन स्टॉप सेंटर, मायागंज का औचक निरीक्षण किया। प्रभारी पदाधिकारी, वन स्टॉप सेंटर एवं वरीय उपसमाहर्ता डॉ. मीनाक्षी ने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं को हर स्तर पर समयबद्ध, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान डॉ. मीनाक्षी ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, साफ-सफाई, अभिलेखों और महिलाओं को दी जा रही विभिन्न सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन, शिकायत मिलने के बाद अपनाई जाने वाली प्रक्रिया तथा पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता की विस्तृत जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने घरेलू हिंसा से पीड़ित एक महिला से सीधे संवाद कर उसकी समस्याओं को सुना और यह जाना कि उसे केंद्र की ओर से किस प्रकार की सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पीड़िता की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
केंद्र प्रशासक मोना कुमारी के साथ हुई समीक्षा बैठक में काउंसलिंग, पुनर्वास, कानूनी सहायता और अन्य सहयोगात्मक सेवाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. मीनाक्षी ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर केवल सहायता केंद्र नहीं, बल्कि संकट में फंसी महिलाओं के लिए विश्वास और सुरक्षा का केंद्र है। इसलिए प्रत्येक कर्मी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ निर्वहन करें।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों और कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा महिलाओं को त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला परियोजना प्रबंधक, जेंडर स्पेशलिस्ट तथा वन स्टॉप सेंटर के सभी कर्मी उपस्थित रहे।
















