


पूर्णिया। पूर्णिया नगर निगम महापौर आवास पर शनिवार को महापौर विभा कुमारी की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप नगर आयुक्त एवं पदेन सदस्यों की उपस्थिति में पिछली बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि की गई तथा विभिन्न विकास योजनाओं एवं पूर्व में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए महापौर विभा कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगर विकास से जुड़ी सभी लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि आम नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर निगम क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों का चरणबद्ध तरीके से सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। साथ ही उन योजनाओं की समीक्षा भी की गई जिनकी निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका है। कई योजनाओं में गुणवत्ता से समझौते पर चिंता व्यक्त करते हुए निगम के अभियंताओं को संबंधित संवेदकों के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियों को डीबार अथवा काली सूची में डालने की अनुशंसा करने का भी निर्णय लिया गया।

शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान सफाई एजेंसियों की लापरवाही सामने आने पर दोनों एजेंसियों के भुगतान में कटौती करने का निर्णय लिया गया। महापौर ने आगामी बारिश के मौसम को देखते हुए शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की नियमित एवं युद्धस्तर पर सफाई कराने का निर्देश दिया, ताकि जलजमाव की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
बैठक में पिछले वर्ष स्वच्छता रैंकिंग में पूर्णिया नगर निगम के पिछड़ने पर चिंता व्यक्त की गई। इस बार बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि बुडको द्वारा पांच बड़े नालों का निर्माण कराया जाना था, लेकिन वर्तमान में केवल दो योजनाओं पर कार्य चल रहा है, जबकि तीन नालों का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। निर्माण कार्य में देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसी का इकरारनामा रद्द कर पुनः निविदा कराने की अनुशंसा विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक में उप नगर आयुक्त विजय प्रताप सिंह, ममता सिंह, आशा महतो, कमली देवी, कुमारी खुशबू, मुर्शीदा खातून, स्वपन घोष, प्रदीप जायसवाल, सिटी मैनेजर पवन कुमार पवन एवं प्रधान सहायक उमेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।















