


बोले — “गरीब छात्रों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़, सरकार पेपर लीक रोकने में विफल”
प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं, महंगाई और आर्थिक नीतियों पर भी उठाए सवाल
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने NEET परीक्षा विवाद, देश की सुरक्षा व्यवस्था, महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। मंगलवार को पूर्णिया में मीडिया से बातचीत के दौरान सांसद ने कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि वर्तमान सरकार आम लोगों की समस्याओं से ध्यान भटकाने का काम कर रही है।

सांसद पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर देश का आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की मूल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सरकार प्रचार और दिखावे की राजनीति में व्यस्त है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया बयानों पर भी कटाक्ष किया। ‘मंगलसूत्र’ और ‘सोना नहीं खरीदने’ की अपील को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि इस तरह के बयान आम लोगों और सराफा व्यवसाय से जुड़े लोगों की भावनाओं को प्रभावित करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का असर सीधे छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।
NEET परीक्षा रद्द होने पर केंद्र को घेरा
NEET परीक्षा विवाद को लेकर सांसद ने केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब और मेधावी छात्रों के साथ अन्याय कर रही है। पप्पू यादव ने कहा कि जब पिछले वर्ष कथित रूप से प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों के बच्चों से जुड़ी गड़बड़ियों की बातें सामने आई थीं, तब परीक्षा रद्द नहीं की गई, लेकिन इस बार गरीब छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया।

उन्होंने कहा,
“जब गरीब और मेहनती छात्रों के भविष्य की बारी आई, तो परीक्षा रद्द कर दी गई। जो सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में अक्षम है, वह देश के भविष्य की रक्षा कैसे करेगी?”
सांसद ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गुजरात, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
“बच्चों का भविष्य सुरक्षित नहीं तो देश सुरक्षित कैसे होगा”
पप्पू यादव ने बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्र की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि यदि देश के बच्चों का भविष्य ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो राष्ट्र भी सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाएं उनकी मानसिक स्थिति और भविष्य दोनों को प्रभावित करती हैं। सरकार को छात्रों के हित में ठोस और स्थायी व्यवस्था लागू करनी चाहिए।
“जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास”
अपने संबोधन के अंत में सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक का “सबसे कमजोर प्रधानमंत्री” बताते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।
सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वहीं, NEET परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों और अभिभावकों में पहले से ही नाराजगी का माहौल बना हुआ है।
















