


पूर्णिया। पूर्णिया जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। कड़े और रोमांचक मुकाबले में जे.एन. अम्बष्ट ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुदीप राय उर्फ मुन्ना राय को 50 मतों से पराजित किया। वहीं सचिव पद पर सुमनजी प्रकाश ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पकड़ कायम रखी है।
चुनाव में कुल 1281 अधिवक्ता मतदाता थे, जिनमें से 1132 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह कुल 88.37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
अध्यक्ष पद के लिए कुल 6 उम्मीदवार मैदान में थे। जे.एन. अम्बष्ट को सर्वाधिक 336 मत प्राप्त हुए। सुदीप राय को 286 मत और विभाकर प्रसाद सिंह को 275 मत मिले। दूसरे और तीसरे स्थान के बीच महज 11 मतों का अंतर रहा, जिससे मुकाबले की कड़ी टक्कर का अंदाजा लगाया जा सकता है। अन्य उम्मीदवारों में विश्वनाथ झा को 104, संजय सिंह को 60 और अजय कुमार सिन्हा को 47 मत प्राप्त हुए।
परिणाम घोषित होते ही बार परिसर में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर और फूल-मालाएं पहनाकर विजेताओं को बधाई दी। नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल 2026 से 2028 तक रहेगा।
अन्य पदों पर भी दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले। उपाध्यक्ष पद पर ओम प्रकाश भारती, प्रमिला महतो और हीरा लाल साह ने जीत दर्ज की। संयुक्त सचिव पद पर संजय कुमार डाब, राम नारायण यादव और अमित कुमार उपाध्याय विजयी रहे। सहायक सचिव पद पर राखी कुमारी, सूर्य प्रकाश झा और जय प्रकाश चुने गए।
वरीय सदस्य पद पर वंदना झा, उदय कान्त चौधरी, अजय कुमार, दिलीप कुमार साह दीपक और अनिल कुमार सिन्हा ने जीत हासिल की। निगरानी सदस्य के रूप में संगीता कुमारी, मनोज कुमार सिंह हार्दिक और पंकज कुमार झा चुने गए। कोषाध्यक्ष पद पर शंशाक शेखर वर्मा, अंकेक्षक पद पर विमलेन्दु कुमार सिंह तथा पुस्तकालय प्रभारी के रूप में मनोज कुमार ठाकुर निर्वाचित हुए। इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य पद पर भी कई उम्मीदवारों ने सफलता प्राप्त की।
मुख्य चुनाव पदाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि पूरा चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस बार अधिवक्ताओं ने जहां अनुभवी उम्मीदवारों पर भरोसा जताया, वहीं नए चेहरों को भी मौका दिया गया। साथ ही महिला अधिवक्ताओं की जीत इस चुनाव की खास उपलब्धि रही।
इस चुनाव ने अधिवक्ता संघ की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती देने के साथ-साथ संगठन में नए उत्साह और ऊर्जा का संचार किया है।
















