


अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकेगा बिहार
पूर्णिया स्थित आनंद हॉस्पिटल के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. कुमार शांतनु आनंद को स्पेन के मलागा में आयोजित होने वाले यूरोपियन फेडरेशन ऑफ नेशनल एसोसिएशन्स ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड ट्रॉमेटोलॉजी (EFORT) कांग्रेस 2026 में अपनी मौलिक (ओरिजिनल) रिसर्च प्रस्तुत करने के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि उन्हें दुनिया के चुनिंदा ऑर्थोपेडिक सर्जनों की श्रेणी में खड़ा करती है, जिनके शोध ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मानकों की कसौटी पर खुद को साबित किया है।

EFORT कांग्रेस को ऑर्थोपेडिक्स और मस्कुलोस्केलेटल मेडिसिन के क्षेत्र में विश्व के सबसे प्रतिष्ठित मंचों में गिना जाता है। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में दुनिया भर के नामचीन सर्जन, शोधकर्ता और शिक्षाविद शामिल होते हैं। यहां जॉइंट रिप्लेसमेंट, ट्रॉमा केयर, स्पोर्ट्स इंजरी समेत विभिन्न ऑर्थोपेडिक क्षेत्रों में नवीनतम तकनीकों और शोध कार्यों को प्रस्तुत किया जाता है।
इस सम्मेलन की सबसे खास बात इसकी कड़ी वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया है। दुनिया भर से प्राप्त शोध पत्रों की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा गहन समीक्षा की जाती है और केवल उन्हीं शोधों को स्वीकृति मिलती है, जो मजबूत कार्यप्रणाली, नवीनता और क्लिनिकल महत्व को दर्शाते हैं। इनमें से भी कुछ चुनिंदा शोधों को ही पोडियम प्रेजेंटेशन के लिए चुना जाता है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

डॉ. आनंद द्वारा आनंद हॉस्पिटल, पूर्णिया में किया गया यह शोध नवंबर 2025 में प्रस्तुत किया गया था, जिसे 30 जनवरी 2026 को पोडियम प्रेजेंटेशन के लिए स्वीकृति मिली। यह न केवल उनके शोध की गुणवत्ता को दर्शाता है, बल्कि छोटे शहरों के चिकित्सकों के बढ़ते वैश्विक योगदान को भी उजागर करता है।
इस उपलब्धि पर डॉ. आनंद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शोध को प्रस्तुत करने से उन्हें विश्व के अग्रणी विशेषज्ञों के साथ ज्ञान साझा करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपने क्षेत्र के मरीजों के लिए उन्नत उपचार पद्धतियां ला सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनका शोध ऑर्थोपेडिक चिकित्सा में चल रहे विकास को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।
कांग्रेस में भाग लेने के लिए डॉ. आनंद को स्पेन यात्रा हेतु निःशुल्क शेंगेन वीजा प्रदान किया गया है। वे 4 से 6 मई 2026 तक मलागा में आयोजित इस सम्मेलन में अपनी रिसर्च प्रस्तुत करेंगे।
यह उपलब्धि आनंद हॉस्पिटल और पूर्णिया जिले के लिए गर्व का विषय है, जो यह साबित करती है कि समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता और क्लिनिकल दक्षता के बल पर किसी भी स्थान से अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की जा सकती है।















