


पूर्णिया। जिले के रौटा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की बैंकिंग ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) संचालक द्वारा सैकड़ों खाताधारकों के बैंक खातों से अवैध निकासी कर फरार होने की घटना ने बैंकिंग व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घोटाले में विशेष रूप से 278 महिलाओं के खातों से करीब 3 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की गई है। पीड़ित खाताधारकों ने रौटा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बैंक प्रबंधन से त्वरित कार्रवाई एवं राशि वापस कराने की मांग की है।
आरोप है कि सीएसपी संचालक जुबैर आलम और उनके पुत्र इन्तेशार आलम ने मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। घटना सामने आने के बाद दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच करते हुए आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
मामले पर सेंट्रल बैंक के डीआरएम अभिजीत सिन्हा ने कहा कि घटना अत्यंत गंभीर एवं निंदनीय है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर चार सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो सभी प्रभावित खातों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन खाताधारकों के खातों से अवैध निकासी हुई है, उन्हें राशि वापस दिलाई जाएगी। जांच रिपोर्ट 10 से 15 दिनों के भीतर मुख्यालय भेजी जाएगी, जिसके बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बैंक प्रबंधन ने ग्राहकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा न करें तथा बैंकिंग एसएमएस अलर्ट को सक्रिय रखें। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तुरंत बैंक या संबंधित शाखा को देने की सलाह भी दी गई है।
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब प्रशासन और बैंक प्रबंधन की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
















