


पूर्णिया। जिले के रौटा थाना क्षेत्र में सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) के जरिए बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। इस घटना में करीब 300 ग्रामीणों के बैंक खातों से लगभग 3 करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर लिए जाने का आरोप है। मामले के उजागर होते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, Central Bank of India से जुड़े एक सीएसपी संचालक जुबेर आलम पर आरोप है कि उसने अपने परिवार के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि बैंकिंग सेवा देने के नाम पर लोगों से बार-बार बायोमेट्रिक (अंगूठा) लिया जाता था और इसी प्रक्रिया के दौरान उनके खातों से रकम ट्रांसफर कर ली जाती थी।
पीड़ितों में सुबांगी बेगम के खाते से 14 लाख 57 हजार रुपये की निकासी का मामला सामने आया है। इसके अलावा निकहत प्रवीन, मधु कुमारी, बीबी नाजमीन, सोहागी बेगम, अंगूरी बेगम और मो. रज्जाक समेत कई लोगों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अपने खातों से पैसे गायब होने की जानकारी तब हुई जब वे बैंक जाकर बैलेंस की जांच कराए।
ग्रामीणों ने इस मामले में बैंक कर्मियों की संभावित मिलीभगत का भी आरोप लगाया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। घटना के बाद से आरोपी सीएसपी संचालक पिछले 15 दिनों से फरार बताया जा रहा है।

कार्रवाई में देरी से नाराज लोगों ने बैसा शाखा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-99 (बहादुरगंज-बायसी मार्ग) को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
सूचना मिलने पर एसडीओ अभिषेक रंजन, एसडीपीओ जितेंद्र पांडेय, बीडीओ राजकुमार चौधरी और रौटा थानाध्यक्ष कुमार कुणाल सौरव सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया।
लोगों के दबाव के बाद रौटा थाना में मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।















