


पूर्णिया।पूर्णिया जिले के ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक महत्व के दस्तावेजों को सुरक्षित संरक्षण और डिजिटाइजेशन के उद्देश्य से बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय, पटना को हस्तांतरित किया गया। यह कार्रवाई जिला पदाधिकारी सह समाहर्ता श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) के निर्देश के आलोक में की गई।
जिला जनसंपर्क कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंगलवार को बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय, पटना से आए विभागीय पदाधिकारी श्री राम कुमार सिंह को जिला अभिलेखागार, पूर्णिया में संरक्षित भीलेज नोटिस के कुल 25 वॉल्यूम सौंपे गए। यह हस्तांतरण जिला अभिलेखागार प्रभारी पदाधिकारी डॉ. जयशंकर प्रसाद की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

बताया गया कि पूर्णिया जिला अभिलेखागार में संरक्षित पौराणिक, ऐतिहासिक तथा प्रशासनिक अभिलेख अब राज्य स्तर पर सुरक्षित रखे जाएंगे, जिससे देश-विदेश के शोधार्थियों एवं इतिहासकारों को जिले के इतिहास का अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि अभिलेखों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपने ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक अतीत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इन दस्तावेजों में पूर्णिया के साथ-साथ कटिहार, अररिया एवं किशनगंज जिलों के राजस्व ग्रामों से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण भी दर्ज हैं।

राज्य स्तर पर इन अभिलेखों का बेहतर संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन कर आम नागरिकों और शोधकर्ताओं के लिए सुलभ बनाया जाएगा। जिला अभिलेखागार प्रभारी डॉ. जयशंकर प्रसाद ने बताया कि दस्तावेजों में ब्रिटिश कालीन पेयजल व्यवस्था, शहरीकरण, राजस्व वसूली, हाट-बाजार व्यवस्था तथा खेती-बाड़ी से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध है, जो ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
















