


फर्स्ट सेमेस्टर प्रैक्टिकल परीक्षा रद्द होने पर विश्वविद्यालय का घेराव, कुलपति पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्णिया : पूर्णिया विश्वविद्यालय में बुधवार को फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर अचानक उत्पन्न हुई अव्यवस्था से नाराज दर्जनों छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय का घेराव किया।
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वविद्यालय लगातार लापरवाही बरत रहा है, जिससे सीमांचल के हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

जानकारी के अनुसार हाल ही में भारी हंगामे और कई तकनीकी परेशानियों के बीच फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षाएं संपन्न कराई गई थीं। छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान उन्हें कई बार एडमिट कार्ड डाउनलोड करना पड़ा। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन सही तरीके से परीक्षा रूटीन जारी नहीं कर सका।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न महाविद्यालयों द्वारा प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर नोटिस जारी किया गया था, जिसमें 20 मई से प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू होने की सूचना दी गई थी। लेकिन जब छात्र निर्धारित तिथि पर कॉलेज पहुंचे तो उन्हें यह कहकर वापस कर दिया गया कि कॉलेज में बीएड की परीक्षा चल रही है और प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं होगी।

छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने उनसे कहा कि यदि कोई समस्या है तो वे विश्वविद्यालय से संपर्क करें। इसके बाद आक्रोशित छात्र विश्वविद्यालय पहुंच गए और अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर राजद के छात्र संगठन एसएसएआई (सोशलिस्ट स्टूडेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के विश्वविद्यालय अध्यक्ष पीयूष पुजारा भी मौके पर पहुंचे और छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए।
पीयूष पुजारा ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय का प्रशासन पूरी तरह विफल हो चुका है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले छात्रों को परीक्षा के नाम पर बुलाया जाता है और फिर बिना किसी स्पष्ट सूचना के परीक्षा रद्द कर दी जाती है। इससे छात्रों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पीयूष पुजारा ने कहा,
“सीमांचल के अधिकांश छात्र आर्थिक और शैक्षणिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार छात्रों को परेशान कर रहा है। कुलपति एक प्रशासक के तौर पर पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं और विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।”

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, स्पष्ट परीक्षा कैलेंडर जारी करने और छात्रों को बार-बार परेशान न करने की मांग उठाई।
धरना-प्रदर्शन में एसएसएआई के चाहत यादव, करण कुमार, सागर झा, रोशन, अमित समेत दर्जनों छात्र मौजूद रहे। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से देर शाम तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
















