


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को 24×7 चुस्त-दुरुस्त रखने के उद्देश्य से भागलपुर के एसएसपी प्रमोद यादव इन दिनों लगातार आधी रात को थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में बीती देर रात कोतवाली थाना में उस समय दिलचस्प स्थिति उत्पन्न हो गई, जब थाने के मुख्य गेट पर तैनात संतरी नेहा कुमारी ने देर रात पहुंचे भागलपुर के एसएसपी प्रमोद यादव पर हथियार तान दिया।
बताया जाता है कि देर रात एसएसपी प्रमोद यादव औचक निरीक्षण के लिए कोतवाली थाना पहुंचे थे। उस समय थाने के मुख्य गेट पर संतरी नेहा की ड्यूटी थी। रात में बिना पूर्व सूचना किसी अधिकारी के पहुंचने की स्थिति में संतरी ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सतर्कता बरती। इसी दौरान उन्होंने एसएसपी की ओर हथियार तान दिया। एसएसपी ने संतरी को अपना निर्धारित कोड बताया और साथ ही उन्हें दोस्त भी कहा। पहचान और कोड की पुष्टि होने के बाद संतरी नेहा कुमारी ने एसएसपी को सलाम किया और उन्हें अंदर प्रवेश करने दिया।

औचक निरीक्षण के जरिए परखी जा रही पुलिस की सतर्कता
एसएसपी प्रमोद यादव ने बताया कि आने वाले त्योहारों को देखते हुए पिछले कई दिनों से जिले के अलग-अलग थानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इन निरीक्षणों का उद्देश्य थानों में रात के समय पुलिसकर्मियों की मौजूदगी, संतरी ड्यूटी, गश्ती व्यवस्था और आपात स्थिति में पुलिस की तत्परता को परखना है।
औचक निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को पहले से जानकारी नहीं होती कि वरिष्ठ अधिकारी किस थाना या पुलिस इकाई का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात जवानों की वास्तविक कार्यप्रणाली और सतर्कता भी सामने आती है।
डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी नजर
जिले में पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुपर काउंसेलिंग कॉन्सेप्ट को परखने के उद्देश्य से रात्रि गश्ती दल और डायल-112 की टीमों की लोकेशन तथा उनकी उपलब्धता की जानकारी देर रात भी ली जा रही है, ताकि किसी आपात स्थिति में पुलिस की टीम घटनास्थल तक कितनी जल्दी पहुंचती है, इसका आकलन किया जा सके।
एसएसपी के निरीक्षण के दौरान ड्यूटी में लापरवाही के मामले सामने आने पर कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है।
24 घंटे तैयार रहने का संदेश
एसएसपी प्रमोद यादव की ओर से पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि किसी अप्रिय घटना, अपराध या आपात सूचना की स्थिति में पुलिस की पहली प्राथमिकता पीड़ित तक जल्द से जल्द पहुंचना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए थाना स्तर से लेकर गश्ती दल और डायल-112 की व्यवस्था तक लगातार सक्रिय रहना जरूरी है।
रात के समय भी थानों की सुरक्षा व्यवस्था, संतरी ड्यूटी और आपात प्रतिक्रिया प्रणाली कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत पड़ने पर जमीन पर भी प्रभावी तरीके से काम करे। कोतवाली थाना में हुई यह घटना भी इसी सतर्कता व्यवस्था का एक उदाहरण मानी जा रही है, जहां रात में थाने के मुख्य गेट पर तैनात संतरी ने बिना पहचान की पुष्टि किए प्रवेश नहीं दिया और एसएसपी द्वारा कोड बताए जाने के बाद ही गेट खोला।

















