


भागलपुर।विक्रमशिला सेतु के वैकल्पिक जल मार्ग के तहत बरारी घाट से संचालित नाव सेवा को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित खबर को जिला प्रशासन ने पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन बताया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि “छपरा जिला” नामक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित सूचना वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती।

जिला प्रशासन, भागलपुर द्वारा जारी जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया था कि नाव पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूली जा रही है तथा क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा है, जबकि जांच में यह आरोप निराधार पाए गए हैं।
बताया गया कि 5 मई को जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक स्वयं लगभग 5 से 6 घंटे तक बरारी घाट पर मौजूद रहे और यात्रियों से सीधे फीडबैक लिया। यात्रियों ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित नाव सेवा पूर्णतः नि:शुल्क एवं सुरक्षित तरीके से संचालित की जा रही है।

प्रशासन ने जानकारी दी कि बरारी घाट पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मोटर बोट के साथ लगातार निगरानी कर रही है तथा प्रत्येक नाव पर गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाट परिसर में आवश्यक सूचना पट्ट एवं दर तालिका स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की गई है। इसके अतिरिक्त जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय है, जहां यात्रियों की शिकायतें दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित जिस नाव की तस्वीर साझा की जा रही है, वह एक बड़ी स्टीमर है जिसका संचालन सरकार की ओर से पूरी तरह नि:शुल्क किया जा रहा है। उक्त स्टीमर पर निर्धारित क्षमता से कम यात्रियों को बैठाकर सुरक्षित आवागमन कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अपुष्ट एवं भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें तथा किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करें।














