


भागलपुर।कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय भागलपुर जिला स्थापना दिवस समारोह का बुधवार को अंग संस्कृति भवन, भागलपुर संग्रहालय में विधिवत समापन किया गया।

समारोह के तीसरे दिन विभिन्न गतिविधियों में चयनित युवा प्रतिभागियों को भागलपुर की कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से शैक्षणिक धरोहर भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 25 युवाओं को जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन के मार्गदर्शन में जिले के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया गया।
प्रतिभागियों ने कहलगांव स्थित बटेश्वर स्थान की गुफाओं एवं पहाड़ियों तथा विक्रमशिला महाविहार के ऐतिहासिक भग्नावशेषों का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान अंग क्षेत्र की लोकगाथाओं, इतिहास और पुरातात्विक महत्व पर परिचर्चा भी आयोजित की गई।

इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने तथा कला के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में “वी प्रैक्टिकल” के साथ-साथ “वी एमोशनल” की भावना को अपनाते हुए अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ाव बनाए रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने भ्रमण अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों को नए दृष्टिकोण से जानने और समझने का अवसर मिला। टीएमबीयू की शोधार्थी आयशा नसीम ने बटेश्वर स्थान की पहाड़ियों पर उकेरे गए गुप्तकालीन शिल्पों को अंग संस्कृति की अनमोल धरोहर बताया।

समापन कार्यक्रम के अंतिम चरण में भागलपुर संग्रहालय में वरिष्ठ कलाकारों द्वारा महात्मा गांधी के चित्र एवं प्रतिमा को अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने वंदे मातरम एवं जन-गण-मन गाकर समारोह का औपचारिक समापन किया।














