


भागलपुर।भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH) के पीडियाट्रिक (बाल रोग) विभाग में थैलेसीमिया रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष सेमिनार एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मरीजों, अभिभावकों तथा चिकित्सा कर्मियों को थैलेसीमिया की रोकथाम, पहचान और आधुनिक उपचार पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मेदांता अस्पताल, पटना से आए विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अमित कुमार (हेमटो-ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ. सी.एच. निशांत कुमार, डॉ. अक्षय कुमार एवं डॉ. नंदनी कुमारी ने भाग लिया। वहीं पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. अंकुर प्रियदर्शी, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. अनिल कुमार सहित वरिष्ठ चिकित्सक भी उपस्थित रहे।

सेमिनार के दौरान वर्ष 2026 की थीम “Hidden No More: Finding the Undiagnosed, Supporting the Unseen” पर विशेष चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि थैलेसीमिया जैसी आनुवंशिक बीमारी की रोकथाम के लिए विवाह या परिवार नियोजन से पूर्व CBC एवं HPLC जांच कराना अत्यंत आवश्यक है, जिससे थैलेसीमिया माइनर की पहचान कर गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों के जन्म को रोका जा सके।
चिकित्सकों ने मरीजों के नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन तथा आयरन किलेशन थेरेपी के महत्व पर भी प्रकाश डाला। साथ ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) जैसे आधुनिक उपचार विकल्पों की जानकारी देते हुए बताया गया कि समय पर इलाज मिलने से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता एवं मरीजों के बीच थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना, प्रारंभिक जांच को बढ़ावा देना तथा बेहतर उपचार सुविधाओं तक मरीजों की पहुंच सुनिश्चित करना था। आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
चिकित्सकों ने समाज से अपील की कि अधिक से अधिक लोग जागरूक बनें और समय पर जांच कराकर इस गंभीर बीमारी की रोकथाम में सहयोग करें।













