


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। अंग क्षेत्र को कोसी-सीमांचल से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित विक्रमशिला-कटरिया न्यू रेललाइन परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। परियोजना से जुड़े स्टेशन भवन, एप्रोच रेललाइन, पुल, पिलर और वाई-लेग जंक्शन यूनिट समेत विभिन्न सिविल कार्यों के लिए करीब 832 करोड़ रुपये का दूसरा टेंडर जारी किया गया है। परियोजना से संबंधित ताजा रिपोर्टों में टेंडर प्रक्रिया की पुष्टि हुई है।

इस निविदा के तहत दक्षिण दिशा में विक्रमशिला और शिवनारायणपुर रेलवे स्टेशनों से रेलखंड को जोड़ने के लिए एप्रोच रेललाइन का निर्माण होगा, जबकि उत्तर दिशा में यह लाइन नवगछिया-कटरिया मुख्य रेललाइन से जुड़ेगी। परियोजना के तहत बटेश्वर स्थान धाम और कालूचक नाम से दो नए रेलवे स्टेशन बनाए जाने की योजना है। यात्रियों की सुविधा के लिए दो रेल ओवरब्रिज (आरओबी) और एक अंडरपास भी प्रस्तावित हैं।
मुख्य गंगा पुल के अलावा 26 छोटे-बड़े पुल:

विक्रमशिला-कटरिया रेल परियोजना में गंगा पर बनने वाले मुख्य रेल पुल के अलावा 26 मध्यम एवं छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा। इनमें स्टील ट्रस डिजाइन वाले पुल, आरसीसी स्पैन, रेल अंडरब्रिज तथा विभिन्न क्षमता के गर्डर शामिल होंगे।परियोजना के तहत 14वें पुल में 30.5 मीटर के तीन आरसीसी गर्डर, 15वें पुल में 32.086 मीटर के स्टील गर्डर तथा 16वें पुल में 30.5 मीटर के चार आरसीसी गर्डर लगाए जाने की योजना है। अन्य पुलों का निर्माण भी आरसीसी डिजाइन के आधार पर किया जाएगा।रेलवे की योजना के अनुसार नई रेललाइन प्रारंभिक चरण में सिंगल ट्रैक होगी, लेकिन भविष्य में इसे डबल ट्रैक में परिवर्तित करने के लिए पर्याप्त भूमि और जगह छोड़ी जाएगी।
26 अक्टूबर को प्री-बिड बैठक, जनवरी में खुलेगा टेंडर:
पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ सरस्वती चंद के अनुसार, गंगा पर बनने वाले मुख्य रेल पुल का निर्माण इरकॉन (IRCON) द्वारा कराया जाएगा। स्टेशन, एप्रोच रूट और अन्य सिविल कार्यों के लिए दूसरा टेंडर जारी किया गया है।टेंडर प्रक्रिया के तहत 26 अक्टूबर को प्री-बिड बैठक प्रस्तावित है, जबकि 27 जनवरी 2027 को सुबह 11 बजे निविदा खोली जाएगी। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद संबंधित एजेंसी को कार्य पूरा करने के लिए 1460 दिनों का समय दिया जाएगा।
421.60 एकड़ भूमि का अधिग्रहण:
परियोजना के लिए भागलपुर जिले के 16 मौजों में कुल 421.6036 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इनमें रंगरा, मधोरामपुर, तिनटंगा, संगलबहिता, नंदगोला, आजमाबाद, परशुरामचक, भवानीपुर, सैदपुर, हवीवपुर, सैलेन्द्रा, बिशुनपुर, लौगाई, नैनसिंह और सैलेन्द्रा इंग्लिश शामिल हैं।रेलवे द्वारा पूर्व में ड्रोन सर्वे के माध्यम से जमीन चिह्नित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
नवगछिया जाने का घटेगा रेल सफर:
बटेश्वर स्थान के समीप गंगा पर प्रस्तावित मुख्य रेल पुल और नई रेललाइन के निर्माण से विक्रमशिला की ओर से नवगछिया-कटरिया रेल नेटवर्क को सीधा संपर्क मिलेगा। परियोजना को भागलपुर, नवगछिया, कोसी-सीमांचल तथा संताल परगना क्षेत्र के बीच रेल संपर्क मजबूत करने वाली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।परियोजना पूरी होने के बाद विभिन्न रेल मार्गों के बीच वैकल्पिक कनेक्टिविटी विकसित होने की उम्मीद है, जिससे मौजूदा रेल मार्गों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।















