
कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला, ऑनलाइन परीक्षा केंद्र और डिजिटल लाइब्रेरी का किया अवलोकन, विद्यार्थियों ने हासिल की आधुनिक तकनीक की व्यावहारिक जानकारी
पूर्णिया । विद्या विहार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीवीआईटी), पूर्णिया में राजकीय पॉलिटेक्निक, पूर्णिया के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष के 46 विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान के ऑनलाइन परीक्षा केंद्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला, एआई लैब स्टूडियो तथा डिजिटल लाइब्रेरी का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। इस दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई।

यह शैक्षणिक भ्रमण वीवीआईटी के अध्यक्ष राजेश चंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सुजीत कुमार एवं कुलसचिव सौरभ कुमार का सहयोग रहा, जबकि स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग के उप-प्राचार्य अभिषेक प्रसून के नेतृत्व में कार्यक्रम का संचालन किया गया।
विद्यार्थियों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत सम्मेलन कक्ष में राजकीय पॉलिटेक्निक से आए विद्यार्थियों एवं उनके साथ पहुंचे शिक्षकों के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। उप-प्राचार्य अभिषेक प्रसून ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व, इसके विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे उपयोग तथा शिक्षा एवं तकनीकी क्षेत्र पर इसके प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ उसके व्यावहारिक उपयोग को समझने की आवश्यकता है। इसके बाद विद्यार्थियों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला का किया अवलोकन

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला का भ्रमण कराया गया। सीएसई विभागाध्यक्ष कौशिक कुमार एवं बीसीए विभागाध्यक्ष कुमार विशाल के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को प्रयोगशाला में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और उनके उपयोग की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उपकरणों एवं तकनीकी व्यवस्थाओं को करीब से देखा और शिक्षकों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इसके बाद विद्यार्थियों ने ऑनलाइन परीक्षा केंद्र का भी अवलोकन किया। अभिनीत प्रसून, प्रसन्नजीत घोष एवं रवि किशोर सिंह ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं और परीक्षा संचालन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। सम्मेलन कक्ष की तकनीकी व्यवस्थाओं में पप्पू जी ने सहयोग किया।
डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधाओं से हुए परिचित
विद्यार्थियों ने एआई लैब स्टूडियो का भी भ्रमण किया और वहां उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद डिजिटल लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को उपलब्ध डिजिटल संसाधनों और सुविधाओं से परिचित कराया गया। श्री प्रिंस कुमार ने विद्यार्थियों को डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध संसाधनों एवं उनके शैक्षणिक उपयोग की जानकारी दी।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वीवीआईटी के शिक्षकों एवं तकनीकी कर्मचारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटिंग, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और डिजिटल तकनीक से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने की पहल
शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक तकनीकी वातावरण से जोड़ना था। संस्थान में उपलब्ध आधुनिक तकनीकी संसाधनों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने से विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान सहायक कुलसचिव गौरव कुमार, विशाल कुमार, शीतल सिंह, अमन कुमार, अक्षय कुमार सिंह, प्रसन्नजीत घोष, शुभम लाल सहित संस्थान के अन्य शिक्षक एवं तकनीकी कर्मचारियों ने विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रमोद कुमार झा ने किया।
समूह छायाचित्र के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर राजकीय पॉलिटेक्निक, पूर्णिया से आए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने वीवीआईटी के शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ समूह छायाचित्र लिया। इसके बाद राजकीय पॉलिटेक्निक के विद्यार्थी लगभग 12:55 बजे बस से अपने संस्थान के लिए रवाना हुए।
यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहा। आधुनिक तकनीकी संसाधनों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली और डिजिटल तकनीक की प्रत्यक्ष जानकारी मिलने से विद्यार्थियों को अपने विषय को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला। वीवीआईटी की ओर से आयोजित यह पहल तकनीकी शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने और विद्यार्थियों में आधुनिक तकनीक के प्रति रुचि एवं समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही।















