


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) का कैंपस पिछले करीब 10 दिनों से बाढ़ के पानी में डूबा है। कई हिस्सों में पानी लबालब है और कक्षों तक पानी पहुंच चुका है। लेकिन इसी जलजमाव के बीच सामने आया एक दृश्य अब विश्वविद्यालय की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पानी की सतह पर बड़ी संख्या में कंडोम तैरते दिखाई दिए। इसका लाइव वीडियो/दृश्य सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बाढ़ के पानी में ‘शर्मनाक’ तस्वीर:
जिस परिसर में पढ़ाई, शोध और अकादमिक गतिविधियां की चर्चा होनी चाहिए थीं, वहां बाढ़ के पानी के बीच ऐसी आपत्तिजनक सामग्री का दिखाई देना बेहद गंभीर मामला है। सवाल यह है कि ये कंडोम आखिर कैंपस के पानी में पहुंचे कैसे? क्या बाढ़ का पानी अपने साथ इन्हें लेकर आया, या जलजमाव से पहले ही विश्वविद्यालय परिसर में ऐसी गतिविधियां होती रही थीं? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
10 दिन से पानी, व्यवस्था पर भी सवाल:
पिछले 10 दिनों से कैंपस में बाढ़ का पानी जमा होने के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। पानी में तैरती गंदगी और अन्य सामग्री के बीच अब कंडोम दिखाई देने की तस्वीर ने स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह सिर्फ बाढ़ की तस्वीर नहीं है। यह उस व्यवस्था का आईना भी हो सकती है, जिसके भरोसे विश्वविद्यालय का विशाल परिसर चलता है।

गरिमा बचाने के लिए जवाब जरूरी:
TMBU की पहचान एक प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में है। ऐसे में कैंपस में इस तरह की सामग्री का मिलना विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए असहज करने वाला सवाल जरूर है। अब जरूरत सिर्फ पानी निकालने की नहीं, बल्कि यह पता लगाने की भी है कि आखिर विश्वविद्यालय परिसर में ऐसी स्थिति पैदा कैसे हुई। बाढ़ का पानी कब उतरेगा, यह प्रकृति तय करेगी; लेकिन कैंपस की गरिमा और व्यवस्था पर उठे सवालों का जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन को देना ही होगा।

















