


बाल गंगा भारती स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम में मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल और महापौर विभा कुमारी रहीं मौजूद
पूर्णिया। गुलाबबाग में आयोजित महागणपति चतुर्थी महोत्सव की छठी संध्या पर बाल गंगा भारती स्कूल, गुलाबबाग के तत्वावधान में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं पूर्णिया नगर निगम की महापौर विभा कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में पहुंचने से पहले मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने पूजा पंडाल में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे सांस्कृतिक मंच पर पहुंचे। यहां पूजा समिति के संयोजक जितेंद्र कुमार यादव और अध्यक्ष राजीव कुमार उर्फ पप्पू पासवान ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद समिति के सदस्यों और पूर्णिया नगर निगम के वार्ड पार्षदों ने सामूहिक रूप से मंत्री का अभिनंदन किया।

विशिष्ट अतिथि महापौर विभा कुमारी का विद्यालय की शिक्षिकाओं ने स्वागत किया। अपने संबोधन में महापौर ने पूर्णिया की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि महागणपति चतुर्थी का यह पावन पर्व सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है और यह आयोजन निरंतर भव्य रूप से चलता रहे।
कार्यक्रम में विधान पार्षद दिलीप ठाकुर भी मौजूद रहे। मेला समिति के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इसके अलावा पूजा समिति की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल रंजन एवं समाजसेवी अरविंद कुमार उर्फ भोला साह को भी सम्मानित किया गया।
मंचासीन सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्कूली बच्चों की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों के लिए विद्यालय प्रबंधन और बच्चों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गान और गणेश वंदना से हुई। इसके बाद बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। देर रात तक चले कार्यक्रम में बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के निदेशक राजेश कुमार झा सहित सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और कर्मचारी व्यवस्था में जुटे रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन वाई. रमेश और समीर ने किया, जबकि संगीत निर्देशन गणेश केवट और सरफराज ने संभाला।















