


प्रदीप विद्रोही
कहलगांव। एनटीपीसी कहलगांव स्थित ट्रैक हॉपर-1 में मंगलवार को केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (केऔसुब) इकाई केएचएसटीपीपी कहलगांव की अग्निशमन शाखा, एनडीआरएफ पटना, राज्य अग्निशमन सेवा एवं एनटीपीसी प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
मॉक ड्रिल में लोको (LOCO) के पटरी से उतरने के कारण बड़े पैमाने पर जनहानि (Mass Casualty) की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। घटना की सूचना मिलते ही केऔसुब अग्निशमन शाखा ने प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता (First Responder) के रूप में महज चार मिनट के अंदर घटनास्थल पर पहुंचकर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर पहुंचे एनटीपीसी के जीएम ओएंडएम मनोरंजन परिडा ने स्थिति को आपातकाल घोषित किया।

अभ्यास के दौरान एनडीआरएफ पटना की टीम, केऔसुब सुरक्षा दल, राज्य अग्निशमन सेवा कहलगांव तथा एनटीपीसी कहलगांव के संबंधित प्रबंधन दलों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। केऔसुब अग्निशमन शाखा ने एनडीआरएफ टीम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का प्रभावी प्रदर्शन किया। इस दौरान काल्पनिक दुर्घटना में फंसे चार व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के समापन के बाद उम्पायर द्वारा डी-ब्रीफिंग की गई। इसमें अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की संयुक्त मॉक ड्रिल से वास्तविक आपदा अथवा बड़े पैमाने पर जनहानि की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों को परखा जा सकता है। साथ ही इससे प्रतिक्रिया समय कम करने, बचाव दलों की कार्यक्षमता बढ़ाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलती है।
मॉक ड्रिल के दौरान रवींद्र शर्मा, सीजीएम/एचओपी, एनटीपीसी कहलगांव, भारती नंदन, कमांडेंट, केऔसुब इकाई एचएसटीपीपी कहलगांव, मनोरंजन परिडा, जीएम ओएंडएम, मनीष कुमार, सहायक कमांडेंट/अग्नि, गोरे लाल शुक्ला, सहायक कमांडेंट/कार्य, रवि सरोज, इंस्पेक्टर/एनडीआरएफ, राज्य अग्निशमन सेवा कहलगांव के प्रतिनिधि तथा एनटीपीसी कहलगांव के विभिन्न विभागाध्यक्ष (HODs) उपस्थित रहे।

















