


@ भागलपुर में ‘युवा संवाद’ में युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का संदेश।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, निस्वार्थ सेवा और सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की भागलपुर शाखा की ओर से सोमवार को ‘युवा संवाद’ का आयोजन किया गया। शाम चार से छह बजे तक चले कार्यक्रम में पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ भिड़े ने युवाओं से संवाद किया। जेएलएनएमसीएच के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
पद्मश्री निवेदिता भिड़े ने स्वामी विवेकानंद के जीवन-दर्शन और राष्ट्र निर्माण संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र के पुनरुत्थान और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने युवाओं से विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में उतारकर राष्ट्रसेवा से जुड़ने की अपील की।
विवेकानंद के 11 सितंबर 1893 के शिकागो संबोधन का उल्लेख करते हुए भिड़े ने कहा कि इस भाषण ने भारतीय दर्शन और विश्वबंधुत्व की विचारधारा को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. संदीप लाल ने युवा शक्ति को राष्ट्र की महत्वपूर्ण पूंजी बताते हुए कहा कि सुदृढ़ चरित्र ही राष्ट्र निर्माण की नींव है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञानार्जन के साथ नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की अपील की।

कार्यक्रम की शुरुआत में विवेकानंद केंद्र के नगर संचालक ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रो. मिहिर मोहन मिश्र ‘सुमन’ ने मंच संचालन किया, जबकि प्रो. राज भूषण प्रसाद ने केंद्र के उद्देश्यों और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी।
सुधीर तिवारी ने अतिथियों का परिचय कराया और डॉ. विजय कुमार वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम के आयोजन में गौतम, राहुल, अंकित, मनोज अस्थाना, अक्षरा, रितिका, श्वेता और रिमझिम सहित केंद्र के स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।

















