


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार जनसंघर्ष समिति की ओर से कलाकेंद्र, भागलपुर में ‘भागलपुर की जनसमस्याएं एवं उनके समाधान’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें शहर के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं तथा बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। परिचर्चा की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने की। संचालन समिति के संयोजक गौतम कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन समिति के संरक्षक संजय कुमार सिंह ने किया।

परिचर्चा के दौरान समिति के संयोजक गौतम कुमार ने पिछले दिनों समिति की ओर से किए गए कार्यों की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बाढ़ जैसी आपदा के दौरान जिला प्रशासन की ओर से किए गए कार्यों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समृद्ध होने के बावजूद भागलपुर विकास के मामले में उपेक्षित है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के बावजूद शहर में जाम, जलजमाव और साफ-सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से शहर की सिटी प्लानिंग तथा उसके तहत पूर्ण और अधूरे कार्यों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि आम लोगों को योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
रंगकर्मी उदय ने भागलपुर की समस्याओं को लेकर व्यापक जनगोलबंदी की आवश्यकता जताई। समिति की संरक्षक मृदुला सिंह ने शहर में महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालयों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जहां शौचालय बने हुए हैं, उनमें से कई अनुपयोगी हैं। उन्होंने नए शौचालयों के निर्माण के साथ पुराने शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें चालू कराने की मांग की।
समिति के संरक्षक संजय कुमार सिंह ने धार्मिक शोभायात्राओं के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने शोभायात्राओं के निर्धारित मार्ग पर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। समिति के सदस्य उज्ज्वल घोष ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर विक्रमशिला सेतु को 30 सितंबर से बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। जयंत जलद ने छोटे दुकानदारों से ट्रेड लाइसेंस के नाम पर कानूनी दबाव बनाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नगर निगम को ऐसे दुकानदारों के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए।
परिचर्चा में निर्णय लिया गया कि उठाए गए सभी मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी, महापौर और नगर आयुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा नवंबर में ‘भागलपुर की जनसमस्याए एवं उनके समाधान’ विषय पर आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम में डॉ. जयंत जलद, गौतम कुमार, उज्ज्वल घोष, उदय, ललन, मृदुला सिंह, संजय कुमार सिंह, जानी हमीदी, मंजर आलम, मो. बाकिर हुसैन, मो. काबुल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

















