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@ गांधी सद्भावना यात्रा के साथ तीन दिवसीय गांधी उत्सव का शुभारंभ, अंगिका में ‘महात्मा गांधी की आत्मकथा’ के अनुवाद का विमोचन।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गांधी जयंती एवं गांधी के भागलपुर-बांका आगमन के शताब्दी वर्ष के अवसर पर दिशा ग्रामीण विकास मंच, बैजनी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय गांधी उत्सव 2026 का शुक्रवार को गांधी सद्भावना यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। यात्रा में केरल से आए वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक पी. वी. राजगोपाल, लुधियाना से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बाल अधिकार कार्यकर्ता हरिओम जिंदल, वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत, नगर विधायक रोहित पांडेय, शिक्षाविद राजीवकांत मिश्रा और बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। गांधी की भूमिका में विजय झा भी यात्रा में साथ रहे।

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सद्भावना यात्रा के बाद आयोजित सभा में संस्था के सचिव डॉ. मनोज मीता द्वारा अंगिका में अनूदित ‘महात्मा गांधी की आत्मकथा’ का विमोचन अतिथियों ने किया। डॉ. मीता ने कहा कि अंगिका में गांधी की आत्मकथा का अनुवाद करने का उद्देश्य गांधी के विचारों को अंग प्रदेश के गांवों और आम लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इससे गांधी के विचारों के साथ अंगिका भाषा और साहित्य की पहचान को भी व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।
‘टॉय टेररिज्म’ की प्रवृत्ति पर चिंता:
वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक पी. वी. राजगोपाल ने कहा कि आधुनिक जीवन में हिंसा अलग-अलग रूपों में प्रवेश कर रही है। उन्होंने बच्चों के खिलौनों में बढ़ती हिंसात्मक प्रवृत्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि खिलौनों के माध्यम से भी बच्चों के मन में हिंसा की मानसिकता विकसित की जा रही है। उन्होंने इस प्रवृत्ति को ‘टॉय टेररिज्म’ की संज्ञा देते हुए कहा कि गांधी की अहिंसा के विचार के माध्यम से इसका मुकाबला किया जा सकता है।
बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्होंने गांधी को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा, लेकिन उनके अनुयायियों और विचारों के माध्यम से गांधी के विराट व्यक्तित्व को समझा है। उन्होंने कहा कि आज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हिंसा, अलगाववाद और भ्रष्टाचार जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। गांधी के विचार इन समस्याओं के समाधान की दिशा दिखा सकते हैं।
मंजूषा कला प्रदर्शनी का किया अवलोकन:
कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों ने मंजूषा चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान मंजूषा कलाकार मनोज पंडित द्वारा निर्मित टेराकोटा से गांधी की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया।
मंजूषा गुरु मनोज पंडित एवं उनकी टीम ने स्वच्छता विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सहज योग का सत्र भी आयोजित हुआ। मुंबई से आए पारस सिंह ने सहज योग के विभिन्न पहलुओं और उसके महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम में जमुई के भावानंद भाई, परिधि के उदय जी और राहुल जी, अंग जन परिषद के सुधीर मंडल, मधेपुरा के व्याख्याता सुधांशु जी, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के प्रो. अमित जी तथा गांधी विचार विभाग के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार सिंह सहित अन्य अतिथियों ने भी विचार रखे।
अतिथियों का अंगवस्त्र और सर्वोदय झोले से स्वागत:
कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत संस्था के सचिव डॉ. मनोज मीता ने अंगवस्त्र एवं सर्वोदय झोला भेंट कर किया। इस अवसर पर त्रिभुवन, सिद्धार्थ, विकास, अमर्त्य, बबूल विवेक, छाया पांडेय, मनोज पंडित, निवास मोदी, कमल जायसवाल, उलूपी झा और पवन सागर सहित बड़ी संख्या में मंजूषा कलाकार एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रो. मनोज कुमार ने की। उनके अध्यक्षीय संबोधन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
3 अक्टूबर को गांधी आश्रम शोभनपुर में प्रतिमा का अनावरण:
गांधी उत्सव के दूसरे दिन 3 अक्टूबर को सुबह 11 बजे गांधी आश्रम, शोभनपुर में गांधी की नई प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक पीवी राजगोपाल की उपस्थिति रहेगी।

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