
@ सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो डालने वालों पर शिकंजा, जहाज पर हुड़दंग और सेल्फीबाजी भी पड़ेगी भारी।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए शुरू किए गए बेली ब्रिज और जहाज परिचालन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक वीडियो या गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं जहाज को मनोरंजन का साधन बनाकर रील और सेल्फी के लिए भीड़ लगाने वालों पर भी पुलिस की नजर है।

अफवाह उड़ाई तो कार्रवाई तय:
प्रशासन के मुताबिक सोशल मीडिया पर बेली ब्रिज और जहाज परिचालन को लेकर भ्रामक एवं गलत सूचनाएं प्रसारित किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों पर भागलपुर पुलिस की सोशल मीडिया सेल लगातार निगरानी कर रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपुष्ट सूचना फैलाकर लोगों में भ्रम या डर पैदा करने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
रील और सेल्फी के चक्कर में जहाज पर चढ़ना पड़ेगा भारी:
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने कहा कि जहाज सेवा जिलावासियों की सुविधा और आवश्यक आवागमन को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। लेकिन कुछ लोग बिना जरूरत केवल घूमने, रील बनाने और सेल्फी लेने के लिए जहाज पर सफर कर रहे हैं। इससे जरूरतमंद यात्रियों को परेशानी होने के साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ रहा है।
डीएम ने लोगों से अपील की कि जहाज पर अनावश्यक सफर से बचें और यात्रा के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें।

एसएसपी की दो टूक – अफवाहबाज और हुड़दंगियों पर नजर:
एसएसपी प्रमोद कुमार ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर बेली ब्रिज और जहाज परिचालन को लेकर गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वाले कुछ तत्वों पर पुलिस की नजर है। पुलिस की सोशल मीडिया टीम ऐसे अकाउंट्स की लगातार निगरानी कर रही है।
उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के साथ-साथ जहाज पर नियम तोड़ने, हुड़दंग करने और रील बनाने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील – जरूरत हो तभी करें जहाज से सफर:
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही जहाज सेवा का उपयोग करें। केवल घूमने या मनोरंजन के उद्देश्य से जहाज पर भीड़ न लगाएं। यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट समेत सभी निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करें।
प्रशासन ने लोगों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो, मैसेज या दावे को बिना सत्यापन के आगे साझा नहीं करने की सलाह दी है। साफ संदेश है – सुविधा के लिए शुरू की गई सेवा को तमाशा बनाया या अफवाह से माहौल बिगाड़ा, तो कार्रवाई से बचना मुश्किल होगा।















