
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले की सबसे पुरानी नगरपालिकाओं में शुमार कहलगांव नगर पंचायत के क्षेत्र के विस्तार और नए परिसीमन को लेकर गतिविधियां तेज हैं। स्थानीय स्तर से परिसीमन के अंतिम स्वरूप से संबंधित प्रस्ताव प्रेषित कर दिए जाने की बात भी सामने आ रही है। प्रस्तावित परिसीमन में मौजूदा 17 वार्डों में करीब 10 वार्ड और जुड़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसा होने पर नगर पंचायत क्षेत्र में वार्डों की संख्या बढ़कर करीब दो दर्जन से भी अधिक हो सकती है। इसके साथ ही क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या में भी करीब पांच हजार की वृद्धि होने का अनुमान है।क्षेत्र के विस्तार के साथ कहलगांव को नगर पंचायत से नगर परिषद का दर्जा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

भागलपुर जिले में स्थित कहलगांव शहर को 17 वार्डों में विभाजित किया गया है। जनगणना 2011 के अनुसार, कहलगांव नगर पंचायत की कुल जनसंख्या 33,700 है, जिसमें 17,952 पुरुष और 15,748 महिलाएं हैं। वहीं, नगर निकाय निर्वाचन संबंधी सरकारी आंकड़ों के अनुसार यहां कुल 27,466 मतदाता दर्ज हैं।राज्य निर्वाचन आयोग की उपलब्ध रिपोर्ट में भी कहलगांव की 2011 की जनगणना आधारित आबादी 33,700 है, जिसमें अनुसूचित जाति की आबादी 2,413 और अनुसूचित जनजाति की आबादी 367 दर्ज है। वर्ष 1869 में स्थापित कहलगांव नगरपालिका आगे चलकर डिमोशन के दायरे में आकर नगर पंचायत बन गई। अब नए परिसीमन के बाद इसे नगर परिषद का दर्जा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पांच पंचायतों के हिस्से जुड़ने की चर्चा:
स्थानीय स्तर पर चल रही परिसीमन प्रक्रिया के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत की सीमा से सटी करीब पांच पंचायतों – श्यामपुर, ओगरी, भोलसर, बंशीपुर और महेशामुंडा के हिस्सों को शहरी क्षेत्र में शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है।इनमें एक पंचायत की पूरी आबादी तथा अन्य चार पंचायतों के आंशिक क्षेत्रों को नगर सीमा में शामिल किए जाने की संभावना बताई जा रही है। इन क्षेत्रों के शामिल होने से न केवल नगर पंचायत की भौगोलिक सीमा बढ़ेगी, बल्कि मतदाताओं और आबादी में भी उल्लेखनीय इजाफा हो सकता है। हालांकि, संबंधित पंचायतों के नाम, शामिल किए जाने वाले गांवों तथा अंतिम जनसंख्या का आधिकारिक विवरण अंतिम परिसीमन अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा।
















