
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2026-27 के तहत बांका में आयोजित अंडर-14 शतरंज प्रतियोगिता में गुरुकृपा किड्स स्कूल, कहलगांव के छात्र अंशुमन अमित ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। महज सात महीने पहले शतरंज की बिसात पर कदम रखने वाले अंशुमन ने पांचों राउंड में शानदार खेल दिखाते हुए पूरे पांच अंक अर्जित किए। अपने अद्भुत खेल से अंशुमन अक्सर अपने से सीनियर खिलाड़ियों को भी अचंभित करते रहे हैं। खेल के दौरान उनकी नजर शतरंज की 64 खानों वाली बिसात पर रहती है। निर्णायक समय में वे प्यादों यानी सिपाहियों की अहमियत को सर्वोपरि रखते हैं।

प्रतियोगिता के अंतिम और निर्णायक राउंड में अंशुमन का मुकाबला स्टेट प्लेयर देवांश से हुआ। अंशुमन ने आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए देवांश को मात दी और अंडर-14 वर्ग में अपनी जीत पक्की कर ली। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल द्वारा उन्हें प्रथम स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया।
छह महीने में बनाया शानदार रिकॉर्ड:
अंशुमन ने करीब छह महीने पहले शतरंज खेलना शुरू किया था। इतने कम समय में उन्होंने तीन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और दो में प्रथम स्थान हासिल किया। लगातार प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। अमित उपाध्याय और अर्चना उपाध्याय के पुत्र अंशुमन फिलहाल गुरुकृपा किड्स स्कूल, कहलगांव में कक्षा छह के छात्र हैं। शतरंज की बारीकियां वे अपने दादा गोपाल उपाध्याय तथा मामा कुंज पाठक और कृष्ण पाठक से सीखते हैं।
मोहरों के तालमेल को मानते हैं अपनी ताकत:
अंशुमन के दादा गोपाल उपाध्याय के अनुसार, अंशुमन बिसात पर एक साथ कई मोहरों के तालमेल से दबाव बनाकर खेलते हैं। राजा पर हमला करने के लिए वे कई मोहरों की ताकत का एक साथ इस्तेमाल करते हैं। यही उनकी खेल शैली की खासियत है।अंडर-14 वर्ग में मिली इस सफलता से अंशुमन के परिवार और विद्यालय में खुशी का माहौल है। परिवार को उम्मीद है कि नियमित अभ्यास और बेहतर प्रशिक्षण के साथ अंशुमन भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बनाएंगे।
















