
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार में गंगा नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी का रुख दर्ज किया जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) और जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर और मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है, जबकि सुल्तानगंज, कहलगांव, गांधीघाट और हाथीदह में नदी अभी भी खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही है।
सुल्तानगंज में 1.45 मीटर ऊपर: 7 अक्टूबर की सुबह 8 बजे सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 35.95 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 34.50 मीटर है। यानी नदी यहां खतरे के निशान से करीब 1.45 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि पिछले 24 घंटे में करीब 7 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है।

कहलगांव में भी गिरावट: कहलगांव में गंगा का जलस्तर करीब 31.83 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 31.09 मीटर है। जलस्तर में हल्की गिरावट का रुख बना हुआ है।
भागलपुर में राहत: भागलपुर में गंगा का जलस्तर 30.75 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 32.41 मीटर से नीचे है। यहां भी जलस्तर लगातार घट रहा है।
नाथनगर में जलस्तर 33.43 मीटर: भागलपुर/नाथनगर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर 33.43 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 33.68 मीटर है। यह खतरे के निशान से करीब 25 सेंटीमीटर नीचे है।
मुंगेर में भी स्थिति में सुधार: मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.71 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से करीब 0.62 मीटर नीचे आ गई है और जलस्तर में गिरावट जारी है।

पटना और हाथीदह में खतरा बरकरार: गांधीघाट, पटना में गंगा का जलस्तर अभी भी 48.60 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है। वहीं हाथीदह (मोकामा) में जलस्तर 41.87 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 41.76 मीटर है।
जल संसाधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कई स्थानों पर जलस्तर में गिरावट शुरू होने से बाढ़ प्रभावित इलाकों को राहत की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि जिन क्षेत्रों में नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहां लोगों को सतर्क रहने और घाटों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।














