
@ पीपल के नन्हे पत्ते पर उकेरा नाना पाटेकर का चेहरा, लिखा – ‘अलविदा क्रांतिवीर नाना पाटेकर’।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म और कला जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में निधन हो गया। अस्पताल की ओर से उनके निधन की पुष्टि की गई है और रिपोर्टों के अनुसार उनकी मृत्यु कार्डियक अरेस्ट के बाद हुई।
नाना पाटेकर के निधन से व्यथित बिहार के चर्चित अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपनी अनूठी सूक्ष्म कला के माध्यम से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। मधुरेंद्र ने महज करीब 3 सेंटीमीटर के हरे पीपल के पत्ते को कैनवास बनाकर उस पर नाना पाटेकर का चेहरा उकेरा। इस बेहद सूक्ष्म कलाकृति को तैयार करने में उन्हें लगभग तीन घंटे का समय लगा।छोटे से पत्ते पर नाना पाटेकर के चेहरे की भाव-भंगिमा और पहचान को उभारना इस कलाकृति की सबसे खास बात है। पत्ते पर उन्होंने भावपूर्ण संदेश ‘अलविदा क्रांतिवीर नाना पाटेकर’ भी अंकित किया है।

मधुरेंद्र ने अपनी कलाकृति पर ‘क्रांतिवीर’ शब्द का इस्तेमाल नाना पाटेकर के चर्चित फिल्मी किरदार और उनकी सिनेमाई पहचान को याद करते हुए किया है।आमतौर पर किसी कलाकार को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़े चित्र, पोस्टर या मूर्तियां बनाई जाती हैं, लेकिन मधुरेंद्र ने अपनी कला को महज तीन सेंटीमीटर के प्राकृतिक पत्ते तक सीमित कर दिया। लगभग तीन घंटे की मेहनत से तैयार इस कलाकृति में कला के साथ भावनाओं का भी समावेश दिखाई देता है।
मधुरेंद्र कुमार ने कहा कि यह कलाकृति उनके लिए महज एक चित्र नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक महान कलाकार के प्रति सम्मान और श्रद्धा की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि छोटे से पीपल के पत्ते पर नाना पाटेकर की छवि उकेरकर उन्होंने उनकी स्मृतियों को अपने तरीके से संजोने का प्रयास किया है।
देश ने खोया विशिष्ट कलाकार:
नाना पाटेकर के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अनेक लोगों ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने नाना पाटेकर की अभिनय प्रतिभा, विशिष्टता और रचनात्मकता को याद करते हुए कहा कि उनके निभाए किरदार आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे।
















