
जैव-विविधता और गंगा किनारे के जीवन पर पुस्तिका का विमोचन, वनकर्मियों को वन्यजीव संरक्षण और कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी
भागलपुर। भागलपुर वन प्रमंडल की ओर से 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक आयोजित वन्यप्राणी सप्ताह का गुरुवार को विधिवत समापन किया गया। समापन समारोह अरण्य विहार, सुंदरवन, भागलपुर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी की आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण, जैव-विविधता एवं गंगा किनारे के जीवन पर आधारित पुस्तिका का विमोचन तथा वनकर्मियों को कानूनी प्रावधानों, कर्तव्यों और वन्यजीव संरक्षण की कार्ययोजना की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, भागलपुर एस. कुमारासामी ने किया। उन्होंने हाइब्रिड माध्यम से बटन दबाकर विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी की आधिकारिक वेबसाइट को जनहित में जारी किया। इसके साथ ही ‘विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी, भागलपुर की जैव-विविधता और गंगा के किनारे का जीवन’ नामक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक एस. कुमारासामी ने कहा कि भागलपुर वन्यजीव और जैव-विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध क्षेत्र है। वन्यजीवों का संरक्षण केवल वन विभाग के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए विभागीय कर्मियों और स्थानीय लोगों से संरक्षण कार्यों में सहयोग करने की अपील की।

वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज ने वनकर्मियों को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बिहार वन नियमावली, वन्यजीवों के अवैध शिकार की रोकथाम, वन अपराध पर नियंत्रण, अवैध खनन पर रोक, अवैध वृक्ष कटाई की रोकथाम सहित विभिन्न मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के लिए तैयार की जाने वाली कार्ययोजना और क्षेत्र में उसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान बीएनएचएस के अभिलाष एवं भूमिका रजोरिया ने वनकर्मियों को पक्षियों की पहचान एवं संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पक्षी वलयांकन, पक्षी निगरानी तथा भागलपुर वन प्रमंडल में पाए जाने वाले विभिन्न वन्यजीवों के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की। इसमें गांगेय डॉल्फिन, घड़ियाल, मगरमच्छ, गरुड़, प्रवासी पक्षी, सांप और तितलियों सहित विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और निगरानी से जुड़े विषय शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों को सम्मानित किया गया। वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज ने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक निर्वहन तथा उत्कृष्ट प्रशासनिक एवं क्षेत्रीय कार्य निष्पादन के लिए निम्नवर्गीय लिपिक मो. मोनू को ‘माह का सर्वश्रेष्ठ कर्मी’ के रूप में सम्मानित किया।
वहीं, वन्यप्राणी सप्ताह 2026 के दौरान वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा के लिए उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा, साहस एवं अनुकरणीय सेवा के लिए वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, भागलपुर कुमार गौतम, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, कहलगांव कम्पनी कुमार, वनरक्षी आदित्य कुमार सिंह, शुभम कुमार, मुकेश कुमार सहनी, आलोक राज और राजीव कुमार को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, वन परिसर पदाधिकारी कहलगांव सोनी कुमारी, वनरक्षी आदित्य अभिनव, अमरेश कुमार, नीरज कुमार, श्वेता कुमारी, ब्यूटी विश्वास, रोशन कुमार, रितेश कुमार, शिवम कुमार, कुंदन कुमार, राकेश कुमार यादव, कल्पना कुमारी, सुबोध दास, वनकर्मी रूपेश कुमार सिंह सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।















