
@ तीन दिवसीय प्रशिक्षण में सीपीआर, फ्रैक्चर, जलने, बेहोशी और ऑक्सीजन देने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ और संभावित चिकित्सा आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने स्टेशन अधीक्षकों और स्टेशन मास्टरों के लिए तीन दिवसीय प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह प्रशिक्षण मंडल रेलवे अस्पताल (डीआरएच), मालदा में 30 सितंबर तथा 4 और 5 अक्टूबर को अलग-अलग बैचों में आयोजित किया गया।मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुपा घोष की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजर्षि कर ने अस्पताल के चिकित्सकों की टीम के सहयोग से किया।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को सिर एवं रीढ़ की हड्डी में चोट, फ्रैक्चर, जलने, बिजली का झटका लगने और आंखों में चोट जैसी परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार देने की जानकारी दी गई। इसके अलावा बेहोशी की स्थिति में मरीज की प्रतिक्रिया और सांस की जांच, रिकवरी पोजीशन, कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) तथा समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई गई।
कार्यक्रम में ऑक्सीजन सिलेंडर, फेस मास्क और नेजल कैनुला के इस्तेमाल के साथ श्वसन सहायता की तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। आपातकालीन स्थिति में क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए, इस पर विशेष जोर दिया गया।
रेलवे के अनुसार, प्रशिक्षण का उद्देश्य स्टेशन पर तैनात अधिकारियों को चिकित्सा आपात स्थितियों में तत्काल प्राथमिक सहायता देने और रेलवे की चिकित्सा सेवाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए तैयार करना है। इस पहल के माध्यम से मालदा मंडल ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
















