
पूर्णिया में भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता कर सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील, नवंबर में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी
पूर्णिया। बिहार सरकार के भूमि एवं राजस्व विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता का जागरूक और जिम्मेदार होना जरूरी है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और राजनीतिक दुष्प्रचार से बचने के लिए प्रत्येक नागरिक को किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में जनता की भूमिका अहम है।
मंगलवार, 27 अक्टूबर को मंत्री डॉ. जायसवाल ने पूर्णिया के वनभाग स्थित जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं के प्रसार, राजनीतिक दुष्प्रचार और समाज में सकारात्मक संवाद की आवश्यकता पर अपनी बात रखी।

बिना जांचे-परखे खबरें साझा करने से बचें लोग
मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जनमत निर्माण का प्रभावशाली माध्यम बन गया है। इसके जरिए सूचनाएं तेजी से लोगों तक पहुंचती हैं, लेकिन बिना सत्यापन के किसी खबर, वीडियो या राजनीतिक दावे को साझा करने से समाज में भ्रम और अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी सूचना पर भरोसा करने या उसे आगे प्रसारित करने से पहले उसके स्रोत और प्रामाणिकता की जांच करें। अफवाहों से बचना और सत्यापित जानकारी को महत्व देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
राजनीतिक विरोध तथ्यों पर आधारित होना चाहिए
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. जायसवाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार और उसकी नीतियों को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियों पर भी सवाल उठाए।

मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक विरोध तथ्यों, प्रमाणों और जिम्मेदार संवाद पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कथित विदेशी प्रभाव और वित्तपोषण से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर निष्पक्ष जांच तथा चर्चा होनी चाहिए।
देश की एकता और सामाजिक सद्भाव सर्वोपरि
मंत्री ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती जनता की जागरूकता, विवेकपूर्ण निर्णय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को देश की एकता, अखंडता तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन मतभेदों के कारण सामाजिक शांति और आपसी विश्वास प्रभावित नहीं होना चाहिए। देशहित और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को सर्वोपरि रखना आवश्यक है।
नवंबर में जनजागरूकता कार्यक्रम की तैयारी
डॉ. जायसवाल ने बताया कि दुष्प्रचार के मुद्दे पर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से जनसंपर्क एवं संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। नवंबर में पूर्णिया में प्रस्तावित कार्यक्रम के माध्यम से इस विषय को जनता के बीच उठाने की योजना है। हालांकि, कार्यक्रम की तिथि और विस्तृत रूपरेखा की आधिकारिक घोषणा के बाद ही इसकी जानकारी साझा की जाएगी।
अंत में मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों और अफवाहों से सतर्क रहें। उन्होंने समाज में सकारात्मक, तथ्यपरक और जिम्मेदार संवाद को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि जागरूक नागरिक ही लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।















