


वन्यजीव क्विज प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने लिया भाग, विजेताओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
भागलपुर । अरण्य बिहार सुंदरवन, भागलपुर में शुक्रवार को वन्यप्राणी सप्ताह 2026 का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 8 अक्टूबर तक चलेगा। सप्ताह के दौरान वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वन्यप्राणी सप्ताह के उद्घाटन अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में वन्यजीव क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, मारवाड़ी कॉलेज, बीएन कॉलेज एवं भागलपुर नेशनल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन वनरक्षी आदित्य अभिनव ने किया।
क्विज प्रतियोगिता में मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर के जंतु विज्ञान विभाग के आदित्य राज, सत्यम कुमार एवं इस्लेन सरकार रॉय ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। भागलपुर नेशनल कॉलेज के आराध्य श्री, सूरज प्रियांशु एवं अमन कुमार ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग की श्रेया कुमारी, सत्यम कुमार एवं विकास कुमार ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को वन प्रमंडल पदाधिकारी, भागलपुर आशुतोष राज ने प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों की भागीदारी की सराहना की और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के बाद सभी प्रतिभागियों को पौधे वितरित किए गए। इसके साथ ही सुंदरवन परिसर स्थित गरुड़ पुनर्वास केंद्र एवं कछुआ बचाव केंद्र की गतिविधियों और कार्यप्रणाली के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को वन्यजीवों के संरक्षण तथा घायल एवं संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया गया।
वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज ने कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग आवश्यक है। मनुष्य और वन्यजीव दोनों का जीवन प्रकृति से जुड़ा हुआ है। प्राकृतिक संतुलन तभी कायम रह सकता है, जब वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने लोगों से वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने और प्रकृति के साथ संतुलित व्यवहार करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि वन्यजीव केवल जंगलों की संपदा नहीं हैं, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए इनके संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ-साथ सामूहिक प्रयास भी जरूरी है।
कार्यक्रम में पशु चिकित्सा पदाधिकारी सुबोध कुमार, डॉ. आरती वर्मा, जंतु विज्ञान की प्राध्यापिका, मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर, वन क्षेत्र पदाधिकारी भागलपुर कुमार गौतम, वनरक्षी अमरेश कुमार, रूपेश कुमार सिंह, भारतीय पक्षी विज्ञान सोसायटी की टीम के अभिलाष एवं अंबिका सहित अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे।
वन्यप्राणी सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं और आम लोगों को वन्यजीवों, जैव विविधता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन 8 अक्टूबर को होगा।
















