
पूर्णिया के आरजे कॉन्सेप्ट में सदर डीएसपी अभिनव पाराशर ने छात्रों से किया सीधा संवाद, सफलता के लिए अनुशासन और निरंतर मेहनत को बताया जरूरी
पूर्णिया। डीआईजी चौक स्थित आरजे कॉन्सेप्ट में सोमवार को छात्र-पुलिस संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और पुलिस प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के साथ युवाओं को नशे, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में पूर्णिया सदर के डीएसपी अभिनव पाराशर, कोचिंग के चेयरमैन जेएन झा, निदेशक राहुल झा, जदयू नेता अंकित झा सहित आरजे कॉन्सेप्ट के शिक्षक सागर सर, धनंजय सर, आशुतोष सर और चंदन सर मौजूद रहे।
डीएसपी अभिनव पाराशर ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए युवाओं के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से नशे से दूर रहने और साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करें तो वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के साथ समाज में भी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
साइबर अपराध को लेकर किया जागरूक
डीएसपी ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध फोन कॉल, फर्जी संदेश और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ बैंकिंग या निजी जानकारी साझा नहीं करने तथा संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल संबंधित माध्यम से शिकायत करने की सलाह दी गई।
सफलता के लिए अनुशासन और मेहनत जरूरी
विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए डीएसपी ने कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा अथवा जीवन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनुशासन, निरंतर मेहनत, समय का सदुपयोग, सही संगति और सकारात्मक सोच जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफलता रातोंरात नहीं मिलती। इसके लिए लगातार प्रयास करना पड़ता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से उसकी दिशा में प्रयास करने वाला विद्यार्थी अपने जीवन में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकता है।
युवाओं की भूमिका पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा हुई। डीएसपी ने कहा कि समाज में बदलाव के लिए केवल प्रशासन की भूमिका पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक नागरिक, विशेष रूप से युवा वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं का नशे से दूर रहना, साइबर अपराध के प्रति जागरूक होना, शिक्षा को प्राथमिकता देना, कानून का सम्मान करना और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पुलिस और विद्यार्थियों के बीच संवाद को बताया जरूरी
कार्यक्रम की विशेषता रही कि विद्यार्थियों को पुलिस अधिकारी से सीधे संवाद करने और अपनी जिज्ञासाओं से जुड़े सवाल पूछने का अवसर मिला। ऐसे संवाद से विद्यार्थियों को कानून और पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है तथा पुलिस एवं आम लोगों के बीच विश्वास मजबूत करने में भी मदद मिलती है।
आरजे कॉन्सेप्ट के निदेशक राहुल झा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाज, कानून और अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक होना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आयोजकों ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य में अधिकारी, शिक्षक, चिकित्सक, अभियंता और समाज के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। ऐसे में युवाओं को सही दिशा और उचित मार्गदर्शन देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।















