
@ बड़ी नाव पर छह बाइक, कई कारोबारी और हजारों रुपये के केले लदे थे, दो दिनों के लिए बाइक लोडिंग पर रोक से केला कारोबारी चिंतित।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा में नाव के जरिए केले लेकर जा रहे किसान और छोटे कारोबारी शनिवार को बीच धार में फंस गए। बड़ी नाव पर छह बाइक, करीब आधा दर्जन कारोबारी और हजारों रुपये मूल्य के केले लदे थे। नाव के बीच गंगा में फंसने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नाव पर सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। फ़िलहाल गंगा का जलस्तर के और दो दिनों तक बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

बताया गया कि बाइक परिचालन पर अंकुश लगाए जाने के कारण किसान और छोटे केला कारोबारी नाव के जरिए गंगा पार कर भागलपुर आ रहे थे। इसी दौरान नाव बीच धार में फंस गई।एसडीआरएफ की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
दो दिनों के लिए बाइक लोडिंग पर रोक:
जिला प्रशासन ने दो दिनों के लिए नावों पर बाइक लोडिंग पर अंकुश लगाया है। प्रशासन के इस फैसले से गंगा पार कर केले का कारोबार करने वाले छोटे व्यापारी चिंतित हैं। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन में केले की मांग बढ़ जाती है और यही समय उनके कारोबार के लिए महत्वपूर्ण होता है। केला की मुख्य मंडी भागलपुर और इसके आसपास के शहर है। जहां पहुंचने के लिए गंगा पार करना ही पड़ता है। एक दिन की देरी के बाद केला पकने लगता है और वह गंतव्य शहरों तक नहीं पहुंच पाता है। पूंजी उपर होने में भी आफत हो जाता है।
बाइक लोडिंग पर रोक सहित जहाजों तक पहुंचने वाले रास्ते के खतरनाक हो जाने से लोडिंग में कठिनाई हो रही है। इसलिए नाव का सहारा लिया जा रहा है।किसानों और छोटे कारोबारियों के सामने अपने उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने की समस्या खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि प्रशासन को सुरक्षा के साथ-साथ ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी चाहिए, जिससे उनका कारोबार प्रभावित न हो।
इधर, नाव के बीच धार में फंसने की घटना ने जलमार्ग से वाहनों और कृषि उत्पादों की ढुलाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल एसडीआरएफ की मदद से नाव पर सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।
















