


पूर्णिया। कलाभवन साहित्य विभाग के तत्वावधान में आयोजित मासिक साहित्यिक संगोष्ठी के अंतर्गत 5 अप्रैल 2026 को महान हिंदी कवयित्री महादेवी वर्मा की कविताओं एवं साहित्यिक योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती तथा महादेवी वर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
साहित्य विभाग की संयोजिका डॉ. निरुपमा राय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महादेवी वर्मा को नारी जागरण, संवेदना और शक्ति की करुणामयी प्रतीक बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्णिया विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं महादेवी वर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के शोधकर्ता डॉ. कामेश्वर पंकज ने कहा कि महादेवी वर्मा का काव्य शाश्वत जीवन मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और विरह की दिव्य अनुभूति से ओतप्रोत है। उन्होंने कहा कि महादेवी की कविताओं में आत्मा और परमात्मा के मिलन की अनुभूति मिलती है, जो भारतीय औपनिषदिक ज्ञान परंपरा से जुड़ी हुई है।
डॉ. पंकज ने महादेवी वर्मा के प्रसिद्ध काव्य संग्रह यामा का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि इसके चार खंड—‘नीहार’, ‘रश्मि’, ‘नीरजा’ और ‘सांध्यगीत’—जीवन के चार आयामों को अभिव्यक्त करते हैं। उनके व्याख्यान से उपस्थित श्रोता भाव-विभोर हो उठे।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रभात नारायण झा ने बीज वक्तव्य देते हुए महादेवी वर्मा को हिंदी साहित्य की स्थापित कवयित्री और वेदना की साम्राज्ञी बताया। उन्होंने कहा कि करुणा ही कविता की आत्मा है और महादेवी का काव्य करुणा की रसानुभूति को जीवंत कर देता है। उनके अनुसार महादेवी वर्मा का काव्य बौद्ध दर्शन की गीतात्मक अभिव्यक्ति तथा रहस्यवाद की उत्कृष्ट परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. शंभू लाल वर्मा कुशाग्र ने महादेवी वर्मा से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए अपनी स्वरचित कविता का पाठ कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर साहित्यकारों ने महादेवी वर्मा की विभिन्न कविताओं के पाठ के साथ नारी विमर्श विषयक स्वरचित रचनाएं भी प्रस्तुत कीं।
डॉ. उषा शरण की नारी सशक्तिकरण पर आधारित कविता ‘अग्नि स्नान’ तथा अधिवक्ता बबीता चौधरी द्वारा प्रस्तुत महादेवी वर्मा की प्रसिद्ध कविता मैं नीर भरी दुख की बदली ने संगोष्ठी को विशेष रूप से भावपूर्ण बना दिया। पूर्णिया कॉलेज की व्याख्याता आर्ची कुमारी एवं पवन कुमार जायसवाल ने भी महादेवी वर्मा के साहित्य पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में स्वराज खबर से जुड़े शरद कुमार शाह, दिव्या त्रिवेदी, महेश विद्रोही, रानी सिंह, सुनील समदर्शी, वंदना कुमारी, रणजीत तिवारी, मीना सिंह, अधिवक्ता रजनी, ऋषभ कुमार, मनोज कुमार राय, मुकेश कुमार, छोटू कुमार घोष सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन साहित्य विभाग की संयोजिका द्वारा किया गया।













